झारखंड में छात्र आंदोलन के बीच सरकार ने गतिरोध खत्म करने की पहल की है। राज्य सरकार ने आंदोलन कर रहे छात्रों को बातचीत के लिए आमंत्रित किया है। सरकार और छात्रों के बीच 17 अगस्त को दोपहर 2 बजे अहम बैठक होने वाली है। इस बैठक में छात्रों को अपने विधिक सलाहकारों के साथ शामिल होने का प्रस्ताव दिया गया है। सरकार की ओर से बातचीत का न्योता ऐसे समय दिया गया है, जब छात्र लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। छात्रों और सरकार के बीच होने वाली इस बैठक को मौजूदा गतिरोध को खत्म करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब सभी की नजर बैठक पर टिकी है। छात्रों की ओर से परीक्षा में कथित गड़बड़ी, जांच और दोषियों पर कार्रवाई समेत अन्य मुद्दे उठाए जाने की उम्मीद है। वहीं सरकार की ओर से छात्रों की मांगों और जांच की स्थिति को लेकर क्या जानकारी दी जाती है, यह बैठक में महत्वपूर्ण रहेगा। JSSC परीक्षा को लेकर CID जांच तेज इधर, झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर CID की जांच भी तेज हो गई है। पोस्ट ग्रेजुएट ट्रेंड टीचर कॉम्पिटिटिव एग्जामिनेशन 2023 यानी PGT परीक्षा में कथित धांधली की जांच के दौरान कई चौंकाने वाली बातें सामने आने का दावा किया जा रहा है। जांच के दौरान आरोपी अभय तिवारी के बयान को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि CID के सामने दिए अपने कबूलनामे में अभय तिवारी ने परीक्षा में कथित सेटिंग के जरिए सफलता हासिल करने की बात कही है। उसके अनुसार, उसने अजय संग्राम नाम के व्यक्ति से संपर्क कर कथित तौर पर सेटिंग कराई थी। इसके बाद उसने PGT इंग्लिश की परीक्षा पास की और उसकी पहली पोस्टिंग देवघर जिले में हुई। कबूलनामे में कॉमर्स विषय की परीक्षा को लेकर भी सुनील कुमार नाम के एक अभ्यर्थी का जिक्र किया गया है। आरोप है कि उसने भी कथित सेटिंग के जरिए परीक्षा पास कर नौकरी हासिल की। CID की जांच में सामने आए आरोपों के मुताबिक, कथित धांधली का नेटवर्क केवल परीक्षा केंद्र तक सीमित नहीं था। आरोप है कि परीक्षा केंद्रों को पहले से मैनेज किया जाता था और सॉफ्टवेयर हैकिंग तथा रिमोट एक्सेस के जरिए परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ी की जाती थी। जांच में यह भी दावा सामने आया है कि कुछ अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र पर पहुंचने से पहले विशेष रंग के कपड़े पहनने और एक खास लाइन में खड़े होने जैसे निर्देश दिए जाते थे। इन संकेतों के जरिए कथित तौर पर परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थियों की पहचान और नेटवर्क के बीच तालमेल बनाया जाता था। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। CID अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल थे और परीक्षा प्रणाली में किस स्तर तक गड़बड़ी की गई। JSSC कार्यालय में CID की छापेमारी, छात्रों की नजर अब सरकार से होने वाली बातचीत पर ताजा जानकारी के अनुसार, JSSC CGL परीक्षा को लेकर भी CID ने जांच तेज कर दी है। जांच टीम ने JSSC कार्यालय पहुंचकर छापेमारी की और महत्वपूर्ण दस्तावेजों को खंगाला। जांच एजेंसी परीक्षा से जुड़े रिकॉर्ड, दस्तावेज और अन्य जानकारियों की जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि परीक्षा में सफल हुए अभ्यर्थियों की भी जांच की जाएगी। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि कहीं किसी अभ्यर्थी ने अनुचित तरीके या कथित सेटिंग के जरिए सफलता तो हासिल नहीं की। एक तरफ CID की जांच में कथित परीक्षा धांधली को लेकर नए आरोप सामने आ रहे हैं, तो दूसरी तरफ छात्र आंदोलन के बीच सरकार ने बातचीत का रास्ता खोला है। ऐसे में आज होने वाली बैठक काफी अहम मानी जा रही है। छात्रों को उम्मीद है कि सरकार उनकी मांगों पर स्पष्ट और ठोस जवाब देगी। वहीं सरकार की कोशिश है कि बातचीत के जरिए आंदोलन से पैदा हुआ गतिरोध खत्म किया जाए। अब देखना होगा कि दोपहर 2 बजे होने वाली बैठक में छात्रों और सरकार के बीच क्या सहमति बनती है और CID की जांच में आगे कौन-कौन से नए तथ्य सामने आते हैं। फिलहाल छात्रों के आंदोलन, सरकार की बातचीत की पहल और JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी की जांच—तीनों पर झारखंड की नजर टिकी हुई है। Post navigation JSSC-CGL – बाबूलाल मरांडी का बड़ा सवाल, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं?