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झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा ने घोषणा की है कि 4 अगस्त को दिशोम गुरु शिबू सोरेन और 8 अगस्त को शहीद निर्मल महतो की पुण्यतिथि पर पूरे झारखंड में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। राज्य के सभी जिलों और प्रखंडों में अलग-अलग तरह के कार्यक्रम होंगे, जिनमें बड़ी संख्या में आंदोलनकारी और आम लोग शामिल होंगे। यह जानकारी झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के संस्थापक प्रधान सचिव पुष्कर महतो ने प्रेस बयान जारी कर दी।

सरकार से दिशोम गुरु शिबू सोरेन को राजकीय सम्मान देने की मांग

पुष्कर महतो ने राज्य सरकार से मांग की कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन, शहीद निर्मल महतो और झारखंड आंदोलन के अन्य अमर पुरोधाओं को सर्वोच्च झारखंड आंदोलनकारी सम्मान और राजकीय सम्मान दिया जाए। उन्होंने कहा कि इन नेताओं ने अलग झारखंड राज्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसलिए सरकार को उनके योगदान का सम्मान करते हुए उन्हें उचित सम्मान देना चाहिए। पुष्कर महतो ने बताया कि दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल की ओर से 4 अगस्त को गुमला जिले के बसिया प्रखंड में दिशोम गुरु शिबू सोरेन की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा और सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। दुमका प्रमंडल के जामताड़ा में फुटबॉल टूर्नामेंट आयोजित होगा, जबकि पाकुड़ जिले के अमड़ापाड़ा में शिबू सोरेन के जीवन, व्यक्तित्व और उनके योगदान पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। वहीं पलामू प्रमंडल में पलामू रेलवे स्टेशन स्थित सूर्यांश होटल के सभागार में श्रद्धांजलि कार्यक्रम होगा। चतरा जिले के जोड़ा पोखर के पास भी पुण्यतिथि कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

पूरे राज्य में होंगे श्रद्धांजलि कार्यक्रम

इसके अलावा 4 और 8 अगस्त को गुमला, सिमडेगा, लोहरदगा, खूंटी, रांची, गढ़वा, लातेहार, हजारीबाग, गिरिडीह, धनबाद, बोकारो और कोल्हान प्रमंडल सहित राज्य के कई अन्य जिलों में श्रद्धांजलि सभाएं, सम्मेलन और अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मोर्चा का कहना है कि सभी जिलों में स्थानीय स्तर पर अलग-अलग कार्यक्रमों के माध्यम से झारखंड आंदोलन के नेताओं को याद किया जाएगा। पुष्कर महतो ने सभी झारखंड आंदोलनकारियों और राज्यवासियों से अपील की कि वे जाति, धर्म और राजनीतिक विचारधारा से ऊपर उठकर झारखंड राज्य के निर्माण में योगदान देने वाले अमर पुरोधाओं को श्रद्धांजलि अर्पित करें। उन्होंने कहा कि इन कार्यक्रमों के माध्यम से लोग झारखंड आंदोलन के मूल्यों को याद करेंगे और आने वाली पीढ़ियों के अधिकारों तथा राज्य के हितों की रक्षा करने का संकल्प भी लेंगे।

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