रांची: झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के संस्थापक प्रधान सचिव पुष्कर महतो ने झारखंड आंदोलनकारी अब्दुल कलाम और जियाउद्दीन खान के आकस्मिक निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। अब्दुल कलाम बोकारो जिले के चास प्रखंड के उकरीद गांव के निवासी थे, जबकि जियाउद्दीन खान चतरा जिले के रहने वाले थे। प्रेस को जारी बयान में पुष्कर महतो ने कहा कि लगातार झारखंड आंदोलनकारियों के निधन की खबरें बेहद दुखद हैं। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि झारखंड आंदोलनकारियों के लिए समूह बीमा योजना जल्द शुरू की जाए, ताकि उनके निधन के बाद उनके परिवार को आर्थिक सहायता मिल सके और उनकी स्थिति बेहतर हो। उन्होंने कहा कि जिस तरह समय के साथ स्वतंत्रता सेनानी कम होते गए, उसी तरह एक दिन सभी झारखंड आंदोलनकारी भी नहीं रहेंगे। इसलिए सरकार को उनके सम्मान और सुरक्षा के लिए समय रहते जरूरी कदम उठाने चाहिए। पुष्कर महतो ने बताया कि आज कई आंदोलनकारी आर्थिक तंगी, सामाजिक उपेक्षा और पारिवारिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं। उनका कहना है कि झारखंड राज्य के निर्माण के लिए आंदोलनकारियों ने लंबे समय तक संघर्ष किया और कई लोगों ने अपना बलिदान भी दिया। इसलिए सरकार को उनके प्रति संवेदनशील रवैया अपनाते हुए उनकी और उनके परिवारों की सहायता के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। Post navigation झारखंड में खुलेगा पहला फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट, युवाओं को मिलेगी आधुनिक मीडिया शिक्षा ब्लैकलिस्टेड कंपनी से हुई सिविल सेवा परीक्षा रद्द हो, सिर्फ स्थगित नहीं: देवेंद्र नाथ महतो