झारखंड में उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में अब बड़ा कानूनी मोड़ सामने आया है। इस मामले में गिरफ्तार किये गये 168 आरोपियों को अदालत से जमानत मिल गई है। कोर्ट में हुई सुनवाई के बाद यह फैसला लिया गया। हालांकि जमानत मिलने के बावजूद मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस पूरे नेटवर्क की पड़ताल में जुटी हुई है। 160 से अधिक लोगों को किया गया था गिरफ्तार यह मामला उस समय सामने आया था, जब पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा से पहले कुछ अभ्यर्थियों को प्रश्न और उत्तर उपलब्ध कराये जा रहे हैं। सूचना मिलने के बाद पुलिस और जांच एजेंसियों ने कई जगहों पर छापेमारी की। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया गया और बाद में 160 से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार किये गये लोगों में ज्यादातर अभ्यर्थी शामिल थे। जांच के दौरान पुलिस को शक हुआ कि यह कोई छोटा मामला नहीं, बल्कि एक संगठित पेपर लीक गिरोह का हिस्सा है। जांच में सामने आया कि कुछ एजेंट अभ्यर्थियों से लाखों रुपये लेकर उन्हें परीक्षा पास कराने का भरोसा दे रहे थे। आरोप है कि उम्मीदवारों को परीक्षा से पहले सवाल और जवाब उपलब्ध कराने का वादा किया जाता था। पुलिस जांच में यह भी पता चला कि कई अभ्यर्थियों से 10 लाख से लेकर 15 लाख रुपये तक वसूले गये थे। एजेंटों का दावा था कि पैसे देने पर परीक्षा में सफलता सुनिश्चित कर दी जायेगी। इस खुलासे के बाद पूरे राज्य में हड़कंप मच गया था और भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी सवाल उठने लगे थे। अब अदालत द्वारा 168 आरोपियों को जमानत मिलने के बाद इस मामले में नया मोड़ आ गया है। कानूनी जानकारों का कहना है कि जमानत मिलने का मतलब यह नहीं है कि आरोप खत्म हो गये हैं। अदालत में आगे भी सुनवाई जारी रहेगी और जांच के आधार पर अगली कार्रवाई तय होगी। Post navigation CM and Governor inaugurate ‘Sansad Cultural Festival-cum-Swadeshi Mela 2026’, stress boost to indigenous culture and local products लोहरदगा में दर्दनाक सड़क हादसा, कार दुर्घटना में एक मृत, चार गंभीर