बोकारो में विस्थापितों, स्थानीय लोगों और झारखंड आंदोलनकारियों की विभिन्न मांगों को लेकर गुरुवार को झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा, झारखंड आंदोलनकारी युवा मोर्चा और अखिल भारतीय किसान सभा झारखंड के संयुक्त तत्वावधान में उपायुक्त आवास का अनिश्चितकालीन घेराव और प्रदर्शन किया गया। इस आंदोलन में जिले के विभिन्न प्रखंडों से हजारों की संख्या में पुरुष और महिलाएं शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और प्रशासन से वर्षों से लंबित मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की। आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में सभी शेष बचे झारखंड आंदोलनकारियों को सम्मान पत्र देकर सम्मानित करना, पिछले 70 वर्षों से लंबित विस्थापितों की समस्याओं का समाधान करना, स्थानीय और विस्थापित युवाओं को बोकारो स्टील प्लांट सहित सरकारी, अर्धसरकारी और निजी कंपनियों में रोजगार देना तथा जिले में भ्रष्टाचार और घूसखोरी पर रोक लगाने की मांग शामिल थी। आंदोलन का नेतृत्व झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के बोकारो जिला अध्यक्ष राजदेव माहथा ने किया। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोग उपायुक्त आवास के बाहर जुटे और अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। पुष्कर महतो का बड़ा संदेश— अधिकार की लड़ाई में पीछे नहीं हटेंगे करीब दोपहर एक बजे बोकारो के उपायुक्त ने आंदोलन के प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के लिए अपने आवास पर बुलाया। प्रतिनिधिमंडल में केंद्रीय अध्यक्ष विदेशी महतो, संस्थापक एवं प्रधान सचिव पुष्कर महतो, जिला अध्यक्ष राजदेव माहथा, केंद्रीय नेत्री सरोजिनी तिर्की, केंद्रीय सचिव सूरज प्रसाद जायसवाल सहित कई अन्य पदाधिकारी शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त को मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा और सभी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। वार्ता के दौरान उपायुक्त ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि एक सप्ताह के भीतर विस्थापितों की समस्याओं से जुड़े दस्तावेज उनके कार्यालय में जमा किए जाएं। इसके बाद संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर समस्याओं के समाधान की दिशा में कार्रवाई की जाएगी। उपायुक्त के इस सकारात्मक आश्वासन के बाद फिलहाल अनिश्चितकालीन घेराव कार्यक्रम को अगले निर्णय तक स्थगित कर दिया गया। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के संस्थापक एवं प्रधान सचिव पुष्कर महतो ने कहा कि विस्थापितों, स्थानीय लोगों और झारखंड आंदोलनकारियों के मान-सम्मान, हक और अधिकार की लड़ाई लगातार जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि जब तक लोगों को उनका अधिकार नहीं मिल जाता, तब तक आंदोलन कमजोर नहीं पड़ेगा। उन्होंने सभी लोगों से एकजुट होकर अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ने की अपील की। मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष विदेशी महतो ने भी कहा कि विस्थापितों और स्थानीय लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए सभी को एक मंच पर आना होगा। वहीं जिला अध्यक्ष राजदेव माहथा ने कहा कि उनका जीवन विस्थापितों, झारखंड आंदोलनकारियों और स्थानीय बेरोजगार युवाओं के अधिकारों की लड़ाई के लिए समर्पित है। कार्यक्रम में पूर्व सांसद भुवनेश्वर मेहता ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 15 अगस्त 2026 तक विस्थापितों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो पूरे झारखंड में बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। इस प्रदर्शन में मोर्चा के कई पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और हजारों की संख्या में विस्थापित, स्थानीय युवक-युवतियां तथा महिलाएं मौजूद रहीं। आंदोलनकारियों ने साफ कहा कि यदि उनकी मांगों पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। Post navigation रामगढ़ में हथियारों का बड़ा नेटवर्क बेनकाब, मिनी गन फैक्ट्री से भारी बरामदगी दुमका – दोस्तों के साथ ठहरे रांची के डॉक्टर की संदिग्ध मौत, पुलिस हर एंगल से कर रही जांच