पश्चिम बंगाल: बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में फैले अवैध हथियार तस्करी के नेटवर्क के खिलाफ पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने कार्रवाई की है। करीब 17 दिनों तक चले विशेष अभियान के दौरान चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उनके ठिकानों से पिस्तौल, मैगजीन, जिंदा कारतूस और 3.90 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। STF के अनुसार, यह अभियान अंतरराज्यीय हथियार तस्करी से जुड़े लोगों की पहचान करने और उनके नेटवर्क तक पहुंचने के लिए चलाया गया। कार्रवाई के दौरान पुलिस को एक 9 एमएम पिस्तौल समेत आधुनिक हथियार मिले। इसके अलावा, तीन मैगजीन और 24 जिंदा कारतूस भी जब्त किए गए हैं। बिहार, झारखंड और बंगाल तक फैले नेटवर्क की आशंका पुलिस ने आरोपियों के पास से नकद बरामद किए हैं। जांच एजेंसियों को संदेह है कि यह रकम अवैध हथियारों की खरीद-बिक्री से जुड़ी हो सकती है। फिलहाल, पुलिस नकदी के स्रोत और तस्करी के पूरे कारोबार की जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में इस गिरोह के तीन राज्यों में सक्रिय होने की आशंका जताई गई है। STF अधिकारियों को संदेह है कि गिरोह अपराधियों और नक्सली संगठनों तक हथियार पहुंचाने का काम करता था। हालांकि, इस संबंध की पुष्टि के लिए जांच जारी है। अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी STF गिरफ्तार चारों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हथियार कहां से खरीदे जाते थे, उन्हें किन लोगों तक पहुंचाया जाता था और इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन शामिल है। इसके साथ ही गिरोह के अन्य सदस्यों और संभावित खरीदारों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। STF की जांच का मुख्य उद्देश्य हथियारों की तस्करी के पूरे नेटवर्क का पता लगाना और उससे जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचना है। जांच पूरी होने के बाद ही गिरोह के काम करने के तरीके और उसके संपर्कों के बारे में अधिक जानकारी सामने आ सकेगी। Post navigation झारखंड में 20 हजार डॉक्टरों का आंदोलन शुरू, मांगें नहीं मानी गईं तो 22 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल