रेलवे ने डालटनगंज होकर गुजरने वाली कई ट्रेनों के संचालन में अस्थायी बदलाव किया है। रेलवे की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार 22 जून से 28 जून तक कई पैसेंजर ट्रेनों को रद्द किया गया है, जबकि कई एक्सप्रेस ट्रेनों का मार्ग बदल दिया गया है। इस फैसले से पलामू, गढ़वा, लातेहार और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को कुछ दिनों तक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार सोन नगर और पतरातू रेलवे स्टेशन के बीच तीसरी रेल लाइन का निर्माण कार्य चल रहा है। अधिकांश हिस्सों में काम पूरा हो चुका है, लेकिन छिपादोहर और मंगरा रेलवे स्टेशन के बीच तीसरी लाइन को मुख्य रेल मार्ग से जोड़ने का कार्य जारी है। इसी कारण सुरक्षा और सुचारू संचालन को ध्यान में रखते हुए कई ट्रेनों को रद्द और डायवर्ट करने का निर्णय लिया गया है। 27 जून तक बदले मार्ग से चलेंगी कई एक्सप्रेस ट्रेनें, 14 पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन रद्द रेलवे ने बताया कि 22 जून से 27 जून तक कुल 16 एक्सप्रेस ट्रेनों को बदले हुए मार्ग से चलाया जाएगा। इन ट्रेनों को गढ़वा रोड, गया, डेहरी ऑन सोन और बरकाकाना के रास्ते संचालित किया जाएगा। वहीं धनबाद क्षेत्र से आने-जाने वाली कुछ ट्रेनों को धनबाद, गढ़वा रोड और चोपन होकर चलाया जाएगा। रांची की ओर से आने वाली ट्रेनों को डेहरी ऑन सोन और गढ़वा रोड के रास्ते डायवर्ट किया गया है। डायवर्ट की गई प्रमुख ट्रेनों में विशाखापट्टनम-वाराणसी एक्सप्रेस, धनबाद-भोपाल एक्सप्रेस, हटिया-नई दिल्ली गरीब रथ एक्सप्रेस, टाटा-जम्मूतवी एक्सप्रेस, जम्मूतवी-हावड़ा एक्सप्रेस, शक्तिपुंज एक्सप्रेस, रांची-वाराणसी इंटरसिटी एक्सप्रेस, नई दिल्ली-रांची राजधानी एक्सप्रेस, आनंद विहार-हटिया एक्सप्रेस सहित कई अन्य महत्वपूर्ण ट्रेनें शामिल हैं। रेलवे ने 14 पैसेंजर ट्रेनों को भी अस्थायी रूप से रद्द कर दिया है। इनमें पलामू क्षेत्र की महत्वपूर्ण ट्रेन रांची-सासाराम एक्सप्रेस भी शामिल है, जो 23 जून से 27 जून तक नहीं चलेगी। इसके अलावा बरकाकाना-डेहरी ऑन सोन, बरवाडीह-डेहरी ऑन सोन, बरवाडीह-चोपन, गोमो-बरवाडीह, बरकाकाना-वाराणसी और डेहरी ऑन सोन-बरवाडीह जैसी पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन भी प्रभावित रहेगा। यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति जांचने की अपील रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा पर निकलने से पहले अपनी ट्रेन की वर्तमान स्थिति और समय की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें। रेलवे का कहना है कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद इस रूट पर ट्रेनों का संचालन और अधिक सुगम और तेज होगा, जिससे भविष्य में यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। फिलहाल निर्माण कार्य के कारण ट्रेनों के रद्द और डायवर्ट होने से यात्रियों को अतिरिक्त समय और वैकल्पिक यात्रा व्यवस्था का ध्यान रखना होगा। Post navigation 50 हजार आंदोलनकारियों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन की चेतावनी, सरकार को 15 नवंबर तक का अल्टीमेटम