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झारखंड में राज्यसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार की हार के बाद अब सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर भी आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। इसी बीच भाजपा ने कांग्रेस के बयानों को लेकर तीखा हमला बोला है। भाजपा के मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि राज्यसभा चुनाव में मिली हार के बाद कांग्रेस बौखला गई है और अब अपनी विफलता का ठीकरा सहयोगी दलों पर फोड़ रही है।

भाजपा ने कहा- कांग्रेस की दोहरी राजनीति आई सामने

प्रतुल शाहदेव ने कहा कि कांग्रेस के प्रभारी के. राजू और कांग्रेस विधायक सुरेश बैठा द्वारा सहयोगी दलों को लेकर दिए गए बयान यह दिखाते हैं कि पार्टी हार का सदमा बर्दाश्त नहीं कर पा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता अब अपने ही सहयोगियों को भ्रष्टाचारी, धोखेबाज और गद्दार बता रहे हैं, जबकि लंबे समय तक उन्हीं दलों के साथ मिलकर सरकार चलाई और सत्ता का लाभ उठाया। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि राजद और माले जैसे दल कांग्रेस की नजर में इतने अविश्वसनीय थे, तो फिर कांग्रेस वर्षों तक उनके साथ गठबंधन में क्यों रही। और यदि वे भरोसेमंद थे, तो चुनावी हार के बाद अचानक उन पर ऐसे आरोप क्यों लगाए जा रहे हैं।

हार की जिम्मेदारी लेने के बजाय दूसरों को दोष दे रही कांग्रेस – प्रतुल शाहदेव

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस की पुरानी राजनीतिक संस्कृति रही है कि वह अपनी हार की जिम्मेदारी स्वीकार नहीं करती। जब तक सत्ता साथ रहती है, तब तक सहयोगी अच्छे लगते हैं, लेकिन जैसे ही राजनीतिक झटका लगता है, कांग्रेस अपने सहयोगियों पर ही आरोप लगाने लगती है। उन्होंने कहा कि राज्यसभा चुनाव में मिली हार के बाद कांग्रेस के भीतर की नाराजगी अब सार्वजनिक रूप से सामने आ रही है। पार्टी के नेता एक-दूसरे और सहयोगी दलों पर सवाल उठा रहे हैं, जिससे गठबंधन की एकजुटता पर भी प्रश्नचिह्न लग रहा है।

डीएमके और टीवीके का भी जिक्र, जनता सब देख रही है : भाजपा

प्रतुल शाहदेव ने कांग्रेस पर अवसरवादी राजनीति का आरोप लगाते हुए कहा कि सत्ता के लिए कांग्रेस कई बार अपने पुराने सहयोगियों को छोड़ती रही है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने राजनीतिक फायदे के लिए अपने पुराने सहयोगियों से दूरी बनाने में कभी संकोच नहीं किया और आज भी वही रवैया दिखाई दे रहा है। भाजपा ने कहा कि राज्यसभा चुनाव के बाद कांग्रेस की हताशा और आंतरिक कलह खुलकर सामने आ गई है। प्रतुल शाहदेव ने कहा कि जनता यह देख रही है कि जो पार्टी अपने सहयोगियों का सम्मान नहीं कर पा रही है, वह आम लोगों के विश्वास का सम्मान कैसे करेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को हार के कारणों की समीक्षा करनी चाहिए, न कि अपने सहयोगी दलों पर आरोप लगाकर जिम्मेदारी से बचने की कोशिश करनी चाहिए।

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