बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का असर अब झारखंड में भी दिखाई देने लगा है। चक्रवात के प्रभाव से राज्य के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदल गया है। राजधानी रांची समेत कई जिलों में बुधवार सुबह से ही आसमान में बादल छाए हुए हैं और रुक-रुककर बारिश हो रही है। तेज हवाओं और मेघ गर्जन के कारण मौसम में ठंडक भी बढ़ गई है। रांची में सुबह अचानक मौसम बदला और तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। राजधानी में कई जगहों पर रुक-रुककर बारिश का दौर जारी है। इसके अलावा हजारीबाग, कोडरमा, चाईबासा, देवघर, गिरिडीह और बोकारो समेत कई जिलों में भी घने काले बादल छाए हैं। इन क्षेत्रों में बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की भी जानकारी है। मौसम विभाग ने चक्रवात के प्रभाव को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। मेघ गर्जन और बारिश के दौरान लोगों को पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले स्थानों के पास खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। तेज हवा और बारिश के कारण सड़कों पर फिसलन बढ़ सकती है, इसलिए वाहन चालकों को सावधानी से वाहन चलाने को कहा गया है। किसानों को अपनी कटी हुई फसल और कृषि उत्पादों को सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, चक्रवात ‘अर्नब’ के 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की संभावना है। इसके प्रभाव से झारखंड में 28 से 30 अक्टूबर के बीच बारिश और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है। 28 अक्टूबर: रांची समेत कई इलाकों में मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा के झोंके आने की आशंका है। 29 अक्टूबर: बारिश और तेज हवाओं का असर जारी रह सकता है। पलामू, गढ़वा, लातेहार और पश्चिमी झारखंड के कुछ इलाकों में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट की स्थिति बताई गई है। ऐसे में निचले इलाकों और ग्रामीण सड़कों पर जलजमाव की समस्या बढ़ सकती है। 30 अक्टूबर: रांची में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की चेतावनी है। रांची, खूंटी, सिमडेगा, गुमला, लोहरदगा और सिंहभूम क्षेत्र में 28 अक्टूबर के लिए बारिश और तेज हवाओं को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार कुछ जगहों पर जलजमाव, पेड़ गिरने और आवागमन प्रभावित होने जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। हालांकि, रांची में चक्रवात का असर कितने घंटे तक रहेगा, इसका सटीक समय अभी स्पष्ट नहीं है। मौसम विभाग का तीन दिनों का पूर्वानुमान यह नहीं दर्शाता कि लगातार तीनों दिन हर जगह बारिश होती रहेगी। बारिश की स्थिति अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग हो सकती है। Post navigation आस्था, परंपरा और संस्कृति का संगम: ऐतिहासिक मुड़मा जतरा आज से शुरू, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम