झारखंड का ऐतिहासिक और प्रसिद्ध मुड़मा जतरा आज यानी 27 अक्टूबर से शुरू होगा। दो दिवसीय इस जतरा को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जतरा स्थल पर सैकड़ों दुकानें सज गई हैं। यहां खेल-तमाशे, बिजली से चलने वाले झूले, मौत का कुआं, सर्कस, जादू के खेल समेत मनोरंजन के कई साधन लोगों के आकर्षण का केंद्र होंगे। इसके अलावा जतरा में पारंपरिक वाद्य यंत्र, कृषि उपकरण, अस्त्र-शस्त्र, श्रृंगार सामग्री, खाने-पीने की चीजें और बच्चों के खिलौनों की भी बड़ी संख्या में दुकानें लगाई गई हैं। आसपास के क्षेत्रों के साथ-साथ दूर-दराज के इलाकों से भी बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। शक्ति खूंटा की पूजा के साथ होगी शुरुआत मुड़मा जतरा की शुरुआत 27 अक्टूबर की दोपहर शक्ति खूंटा की पूजा-अर्चना के साथ होगी। सरना धर्मगुरु बंधन तिग्गा की अगुवाई में 40 पड़हा के पाहन-पुजार और धार्मिक अगुवा जतरा स्थल पर स्थित शक्ति खूंटा की विधिवत पूजा करेंगे। पूजा के बाद दो दिवसीय जतरा का औपचारिक शुभारंभ होगा। यह जतरा करीब 24 घंटे तक चलता है और इसमें हर साल बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं। झारखंड के विभिन्न जिलों के अलावा देश के दूसरे राज्यों से भी लोग यहां पहुंचते हैं। नेपाल से भी श्रद्धालु और लोग मुड़मा जतरा में शामिल होने आते हैं। आदिवासी परंपरा और संस्कृति से जुड़े इस जतरा का सबसे खास आकर्षण इसके समापन के दिन देखने को मिलता है। इस दौरान 40 पड़हा के लोग अपने पारंपरिक पड़हा निशान के साथ जतरा में शामिल होते हैं। रम्पा-चम्पा, लकड़ी के हाथी-घोड़े, मगरमच्छ, मछली, कंडसा और पारंपरिक झंडों के साथ लोग नाचते-गाते हुए जतरा स्थल पर पहुंचते हैं। इससे पूरा इलाका आदिवासी संस्कृति और परंपरा के रंग में रंग जाता है। सुरक्षा के लिए चार सेक्टर में बांटा गया जतरा क्षेत्र जतरा में भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी और रांची के वरीय पुलिस अधीक्षक की ओर से संयुक्त आदेश जारी किया गया है। सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था की जिम्मेदारी ग्रामीण एसपी और सदर अनुमंडल पदाधिकारी संभालेंगे। जतरा स्थल पर 26 अक्टूबर की दोपहर से ही 24 घंटे काम करने वाला विशेष नियंत्रण कक्ष बनाया गया है। यहां दंडाधिकारी और पुलिस अधिकारी तैनात रहेंगे। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पूरे जतरा क्षेत्र को चार बड़े सेक्टरों में बांटा गया है। इन सेक्टरों में पुलिस अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में पुरुष और महिला लाठी बल की तैनाती की गई है। इस बार जतरा की सुरक्षा व्यवस्था में तकनीक का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। पूरे क्षेत्र पर नजर रखने के लिए ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों की मदद ली जाएगी। इसके अलावा जतरा स्थल और आसपास के रास्तों पर लगातार निगरानी के लिए 21 गश्ती दल तैनात किए गए हैं। ये दल मोटरसाइकिल और चार पहिया वाहनों से लगातार गश्त करेंगे। असामाजिक तत्वों, छेड़खानी करने वालों और अफवाह फैलाने वालों पर पुलिस की विशेष नजर रहेगी। राजी पड़हा जतरा समिति की ओर से भी प्रशासन के सहयोग के लिए करीब 2,000 स्वयंसेवकों की तैनाती की जाएगी। एनएच-75 पर बदला रहेगा ट्रैफिक रूट मुड़मा जतरा के दौरान भीड़ और यातायात को नियंत्रित करने के लिए 27 और 28 अक्टूबर को एनएच-75 पर रूट डायवर्ट किया गया है। प्रशासन के अनुसार, लोहरदगा की ओर से रांची आने वाले वाहनों को टांगरबसली मोड़ से बेड़ो होते हुए रांची की ओर भेजा जाएगा। वहीं रांची की ओर से आने वाले वाहनों को काठीटांड़ से ठाकुरगांव और बुढ़मू होते हुए उनके गंतव्य की ओर भेजा जाएगा। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि जतरा के दौरान यातायात व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें और निर्धारित रूट का ही इस्तेमाल करें। दो दिवसीय मुड़मा जतरा को लेकर प्रशासन, पुलिस और आयोजन समिति की ओर से तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। Post navigation पश्चिम बंगाल से चोरी हुआ खाद्य तेल रांची के चान्हो में बरामद, एक युवक हिरासत में