बिहार के भोजपुर जिले में गुरुवार की सुबह अपराधियों ने एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया। आरा शहर के कनकपुरी मोहल्ले में कस्टम विभाग के रिटायर्ड असिस्टेंट कमिश्नर राम कुमार सिंह (67 वर्ष) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। अपराधियों ने उन पर एक के बाद एक करीब 8 गोलियां चलाईं। वारदात के वक्त उनका बेटा राजेश कुमार भी मौके पर मौजूद था। बताया जा रहा है कि तीन हथियारबंद अपराधियों ने इस घटना को अंजाम दिया और फिर मौके से फरार हो गए। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। मॉर्निंग वॉक पर जाने की तैयारी कर रहे थे राम कुमार सिंह घटना आरा के नवादा थाना क्षेत्र में जैन कॉलेज गेट के पास स्थित कनकपुरी मोहल्ले की है। जानकारी के मुताबिक, राम कुमार सिंह रोज की तरह गुरुवार सुबह अपने बेटे के साथ रमना मैदान में मॉर्निंग वॉक पर जाने वाले थे। दोनों घर से निकलने की तैयारी कर रहे थे। राम कुमार सिंह अपनी गाड़ी निकालकर गैरेज का गेट बंद कर रहे थे, तभी तीन हथियारबंद अपराधियों ने उन पर हमला कर दिया। अपराधियों ने राम कुमार सिंह को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। बताया जा रहा है कि उनके पेट, सीने और गर्दन के आसपास गोलियां लगीं। अचानक हुई इस फायरिंग से आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हमले के बाद अपराधी वहां से भाग निकले। बेटे के सामने पिता पर बरसाईं गोलियां, जमीन के विवाद में हत्या की आशंका इस वारदात की सबसे दुखद बात यह रही कि राम कुमार सिंह का बेटा राजेश कुमार घटनास्थल पर ही मौजूद था। वह गाड़ी में बैठा था, तभी उसके सामने अपराधियों ने उसके पिता पर गोलियां चला दीं। अचानक हुए हमले के कारण उसे संभलने का मौका तक नहीं मिला। गोलीबारी के बाद स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से घायल राम कुमार सिंह को आरा सदर अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की खबर फैलते ही परिजनों और परिचितों में शोक की लहर दौड़ गई। राम कुमार सिंह की हत्या के पीछे जमीन विवाद को मुख्य वजह माना जा रहा है। परिजनों और उनकी पत्नी सुशीला देवी के अनुसार, सिंगही मोड़ के पास स्थित 13 कट्ठा जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। परिवार ने राम कल्याण यादव नाम के व्यक्ति पर हत्या कराने का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि राम कुमार सिंह को पहले भी धमकियां मिली थीं। इस संबंध में पुलिस से शिकायत किए जाने की बात भी सामने आई है। हालांकि, जमीन विवाद और धमकियों का हत्या से क्या संबंध है, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है। सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय थे राम कुमार सिंह राम कुमार सिंह वर्ष 2015 में भागलपुर से कस्टम विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर पद से सेवानिवृत्त हुए थे। वह मूल रूप से भोजपुर जिले के बिहिया थाना क्षेत्र के डुमरिया गांव के निवासी थे। नौकरी से रिटायर होने के बाद भी वह सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहे। वह बिहार क्षत्रिय कल्याण संगठन (शाहाबाद क्षत्रिय महासभा) के अध्यक्ष थे। इसके अलावा रोटरी क्लब, रेड क्रॉस सोसाइटी और आरा नगर रामलीला समिति ट्रस्ट से भी जुड़े हुए थे। सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस घटना की जानकारी मिलने के बाद भोजपुर के एसपी अवधेश दीक्षित पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने मौके का निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (एफएसएल) की टीम को बुलाया। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कर रही है, ताकि वारदात में शामिल अपराधियों की पहचान की जा सके। तीनों आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस ने जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार करने का भरोसा दिया है। Post navigation रूस की सुख-सुविधाएं छोड़ राहुल के गांव पहुंचीं जूली, बोलीं- दौलत नहीं, आपका साथ चाहिए