दुर्गा पूजा के दौरान राजधानी रांची में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। ऐसे में पूजा पंडालों, बाजारों और प्रमुख सड़कों पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती होगी। इसे देखते हुए रांची पुलिस ने सुरक्षा, अपराध नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को लेकर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। पुलिस का उद्देश्य है कि श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के पूजा का आनंद ले सकें और पूरे शहर में शांति व कानून-व्यवस्था बनी रहे। इसी सिलसिले में सोमवार देर शाम रांची के वरीय पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन की अध्यक्षता में पुलिस अधिकारियों और सभी थाना प्रभारियों के साथ समीक्षा बैठक हुई। बैठक में दुर्गा पूजा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए विस्तृत योजना तैयार की गई। इस योजना को 14 अक्टूबर से लागू किया जाएगा। एसएसपी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए और सभी तैयारियां समय रहते पूरी कर ली जाएं। हर पूजा पंडाल और प्रमुख सड़क पर रहेगी पुलिस की नजर दुर्गा पूजा के दौरान शहर के प्रमुख पूजा पंडालों में सीसीटीवी कैमरों के जरिए 24 घंटे निगरानी की जाएगी। भीड़भाड़ वाले इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। इसके साथ ही प्रमुख सड़कों, चौक-चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस लगातार गश्त करेगी, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत ध्यान दिया जा सके। बड़े पूजा पंडालों में महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष रूप से शक्ति कमांडो तैनात किए जाएंगे। वहीं, किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) को सक्रिय रखा जाएगा। इन टीमों का काम सूचना मिलते ही घटनास्थल पर पहुंचना और स्थिति को जल्द से जल्द नियंत्रित करना होगा। चोरी और छिनतई करने वाले अपराधियों पर विशेष नजर त्योहार के दौरान बाजारों और पूजा पंडालों में बढ़ने वाली भीड़ का फायदा उठाकर अपराधी मोबाइल, पर्स, बैग और सोने की चेन छीनने जैसी घटनाओं को अंजाम दे सकते हैं। इसके अलावा बाइक चोरी की घटनाओं को रोकना भी पुलिस की प्राथमिकता होगी। इसके लिए शहर में एंटी क्राइम चेकिंग और सघन गश्त चलाने का निर्देश दिया गया है। पहले मोबाइल और चेन छिनतई या बाइक चोरी की घटनाओं में शामिल रहे अपराधियों के साथ उनके गिरोहों की गतिविधियों पर भी नजर रखी जाएगी। पुलिस ऐसे इलाकों की पहचान करेगी, जहां चोरी और छिनतई की आशंका अधिक रहती है। इन स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने के साथ संदिग्ध लोगों की गतिविधियों पर निगरानी रखी जाएगी। इसके अलावा, पूर्व में सांप्रदायिक घटनाओं में शामिल रहे लोगों की गतिविधियों का सत्यापन कर जरूरत के अनुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को नजरअंदाज न किया जाए और सूचना मिलने पर तत्काल कदम उठाए जाएं। बड़े पंडालों में तैनात होंगे शक्ति कमांडो और क्यूआरटी श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रमुख पूजा पंडालों में पुलिस बल के साथ स्थिर और चलायमान क्यूआरटी की तैनाती की जाएगी। भीड़भाड़ वाले चौक-चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर जरूरत के अनुसार निगरानी टावर भी लगाए जाएंगे। इन टावरों पर तैनात पुलिसकर्मी ऊंचाई से भीड़ की स्थिति पर नजर रख सकेंगे। कहीं अव्यवस्था होने या भगदड़ जैसी स्थिति बनने की आशंका होने पर पुलिस तुरंत कार्रवाई कर सकेगी। प्रमुख सड़कों और भीड़ वाले क्षेत्रों में पुलिस के बाइक दस्ते लगातार गश्त करेंगे। इससे किसी घटना की सूचना मिलने पर पुलिस को कम समय में मौके पर पहुंचने में मदद मिलेगी। साथ ही भीड़ को नियंत्रित करने और यातायात व्यवस्था बनाए रखने में भी आसानी होगी। सीसीटीवी कैमरों से 24 घंटे होगी निगरानी पूजा पंडालों की सुरक्षा के लिए आयोजकों को पर्याप्त संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्देश दिया गया है। कैमरों की रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त स्टोरेज की व्यवस्था करनी होगी। इसके अलावा, पंडाल परिसर में ही सीसीटीवी फुटेज देखने की सुविधा उपलब्ध करानी होगी। कैमरों की निगरानी के लिए कम से कम एक व्यक्ति को 24 घंटे तैनात रखना भी जरूरी होगा। संबंधित थाना प्रभारी और पुलिस उपाधीक्षक समय-समय पर पूजा पंडालों का निरीक्षण करेंगे और यह जांच करेंगे कि सुरक्षा से जुड़े सभी निर्देशों का पालन हो रहा है या नहीं। दुर्गा पूजा के दौरान पूजा पंडालों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में आग लगने जैसी घटनाओं से बचाव के लिए भी विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस ने पंडाल आयोजकों को पर्याप्त संख्या में अग्निशमन यंत्र रखने और बालू व पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है। जरूरत पड़ने पर पानी के टैंकर की व्यवस्था भी करनी होगी। बिजली से आग लगने की स्थिति में इस्तेमाल किए जाने वाले उचित उपकरण उपलब्ध रखने और अग्निशमन यंत्रों की वैधता की जांच करने का निर्देश दिया गया है। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य किसी भी आपात स्थिति में समय रहते आग पर काबू पाना और श्रद्धालुओं को सुरक्षित रखना है। यातायात व्यवस्था पर भी रहेगा विशेष ध्यान बैठक में प्रतिमा विसर्जन के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने पर भी चर्चा हुई। दुर्गा पूजा के समय प्रमुख मार्गों पर भीड़ बढ़ने और विसर्जन के दौरान वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने की आशंका रहती है। इसे देखते हुए यातायात पुलिस को आवश्यक तैयारियां करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं और आम लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। बैठक में पुलिस अधीक्षक नगर, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, पुलिस अधीक्षक यातायात, अपर पुलिस अधीक्षक कोतवाली, प्रोबेशनर आईपीएस अधिकारी, सभी पुलिस उपाधीक्षक और थाना प्रभारी शामिल हुए। अधिकारियों ने संभावित भीड़, संवेदनशील इलाकों, पूजा पंडालों की सुरक्षा और अपराध नियंत्रण से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की। 14 अक्टूबर से सुरक्षा योजना लागू होने के बाद पूजा पंडालों से लेकर प्रमुख सड़कों तक पुलिस की निगरानी बढ़ाई जाएगी। अब पुलिस के सामने चुनौती होगी कि इन तैयारियों को जमीन पर प्रभावी ढंग से लागू किया जाए, ताकि श्रद्धालु निश्चिंत होकर मां दुर्गा की पूजा-अर्चना कर सकें। Post navigation बेटे-बहू को लेने रांची आए थे पिता, लौटते समय चुटूपालू घाटी में हादसा; एक ही परिवार के तीन की मौत