झारखंड के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने महालया और नवरात्र की शुरुआत के दिन दिल्ली में आंदोलन की घोषणा को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कांग्रेस, राहुल गांधी और इंडी गठबंधन पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक ताकतें देश में अशांति और अस्थिरता का माहौल बनाने की कोशिश कर रही हैं। मरांडी ने कहा कि देशवासियों को ऐसी ताकतों के इरादों को समझने और सावधान रहने की जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की सनातन संस्कृति और परंपराओं को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने इसे देश की संस्कृति के खिलाफ साजिश बताते हुए कहा कि भारत की एकता और सांस्कृतिक पहचान को नुकसान पहुंचाने के प्रयास सफल नहीं होंगे। महालया और नवरात्र की शुभकामनाएं दीं बाबूलाल मरांडी ने महालया और नवरात्र की शुरुआत पर देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि महालया हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है और इसके बाद नवरात्र का पर्व शुरू होता है। इन दिनों देशभर में लोग धार्मिक कार्यक्रमों और पूजा-पाठ में शामिल होते हैं। मरांडी ने सवाल उठाया कि जब देश में त्योहारों की शुरुआत हो रही है, तब दिल्ली में आंदोलन के लिए इसी समय को क्यों चुना गया? उनके अनुसार, आंदोलन के लिए कोई दूसरा समय भी चुना जा सकता था। उन्होंने आरोप लगाया कि त्योहारों के समय आंदोलन की घोषणा करने के पीछे राजनीतिक उद्देश्य हो सकता है। कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर लगाए आरोप नेता प्रतिपक्ष ने राहुल गांधी, कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनावों में हार के बाद विपक्षी दल चुनाव प्रक्रिया को लेकर अलग-अलग सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले ईवीएम में गड़बड़ी और वोट चोरी के आरोप लगाए गए और अब एसआईआर तथा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विरोध किया जा रहा है। मरांडी के अनुसार, विपक्षी दलों को जनता का विश्वास दोबारा हासिल करने के लिए काम करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक मुद्दों के माध्यम से देश में नया माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करना हर नागरिक का मौलिक अधिकार है। लेकिन उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल इस अधिकार का इस्तेमाल अपने राजनीतिक हितों के लिए कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत एक ऐसा देश है, जहां अलग-अलग धर्मों, भाषाओं, परंपराओं और संस्कृतियों के लोग एक साथ रहते हैं। देश की विविधता ही इसकी पहचान है। उनके मुताबिक, देश की एकता और लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने की कोई भी कोशिश सफल नहीं होगी। कांग्रेस के पुराने राजनीतिक इतिहास का किया जिक्र मरांडी ने कांग्रेस के राजनीतिक इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि देश के कई राज्यों में पार्टी को लंबे समय से सत्ता से बाहर रहना पड़ा है। उन्होंने तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, बिहार, गुजरात और ओडिशा का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक समय देश की राजनीति में काफी प्रभावशाली थी, लेकिन कई राज्यों में धीरे-धीरे उसका राजनीतिक प्रभाव कम हुआ। मरांडी ने यह भी कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में भी चुनाव होते थे और उस समय मतपत्रों के माध्यम से मतदान किया जाता था। इसके बावजूद पार्टी को कई राज्यों में सत्ता से बाहर होना पड़ा। उनके इस बयान का उद्देश्य यह बताना था कि चुनावों में हार के कारणों को केवल चुनाव प्रक्रिया से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। हालांकि, चुनावी प्रक्रिया और उससे जुड़े आरोपों पर अलग-अलग राजनीतिक दलों के अपने विचार हैं। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि भारत की पहचान उसकी विविधता, संस्कृति और लोकतांत्रिक व्यवस्था से है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ ताकतें देश को बांटने और सामाजिक एकता को कमजोर करने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने लोगों से ऐसी गतिविधियों के प्रति सतर्क रहने की अपील की। Post navigation मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मां रूपी सोरेन की स्मृति में निभाई पारंपरिक रस्म, केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने भी पहुंचकर जताया शोक