चतरा में झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा की जिला कमेटी की बैठक शुक्रवार को हुई। बैठक में संगठन के आगामी कार्यक्रमों और आंदोलनकारियों की मांगों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष कैलाश सिंह ने की, जबकि संचालन यदुनंदन पांडेय ने किया। बैठक में केंद्रीय संगठन के दिशा-निर्देशों के अनुसार कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इसमें 29 सितंबर को चतरा जिला मुख्यालय में मशाल जुलूस निकालने और 30 सितंबर को आर्थिक नाकाबंदी करने का फैसला लिया गया। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि इन कार्यक्रमों के जरिए आंदोलनकारियों की मांगों और अधिकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाया जाएगा। 29 सितंबर के मशाल जुलूस और 30 सितंबर को आर्थिक नाकाबंदी की तैयारी बैठक में सभी प्रखंडों से आंदोलनकारियों को अधिक संख्या में जिला मुख्यालय पहुंचने का आह्वान किया गया। संगठन ने कार्यकर्ताओं से 29 सितंबर के मशाल जुलूस और 30 सितंबर की आर्थिक नाकाबंदी को सफल बनाने के लिए अभी से तैयारी शुरू करने की अपील की। बैठक को संबोधित करते हुए केंद्रीय सचिव शैलेंद्र सिंह और जिला सचिव सुगन साव समेत अन्य पदाधिकारियों ने कार्यक्रम की तैयारियों पर चर्चा की। नेताओं ने संगठन को मजबूत और एकजुट रखने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारियों से जुड़े मुद्दों को लेकर सामूहिक रूप से आवाज उठाने की जरूरत है। जिला कमेटी के पदाधिकारियों ने बताया कि आने वाले दिनों में प्रखंड स्तर पर भी आंदोलनकारियों से संपर्क कर कार्यक्रम में उनकी भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए संगठन के सदस्यों को जिम्मेदारियां देने और लोगों को कार्यक्रम की जानकारी पहुंचाने पर भी चर्चा हुई। बैठक में जिला उपाध्यक्ष संतोष नायक, मुनेश्वर माली, शिव शंकर यादव, संगीता पाठक, बहादुर दांगी, केदार पांडेय, केसर प्रजापति, धनेश्वर महतो, वासुदेव ठाकुर, झमन महतो, वासुदेव भुइयां, बढ़न नायक, राजेंद्र प्रसाद केसरी, संतोष महतो, रामनाथ राणा, बलदेव साव, विनोद साव, लक्ष्मी उरांव, उदय राम, सुरेंद्र करमाली, जयप्रकाश साव, बांधनी देवी समेत बड़ी संख्या में आंदोलनकारी मौजूद थे। Post navigation गया से कोलकाता जा रही महारानी बस धनबाद में पलटी, 8 यात्री घायल विमला प्रधान के निधन पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जताया शोक, कहा- झारखंड के लिए अपूरणीय क्षति