डुमरी विधानसभा क्षेत्र के विधायक जयराम कुमार महतो और उनके समर्थकों को लेकर धनबाद में पुलिस थाने के अंदर हंगामे का मामला सामने आया है। बरवाअड्डा थाना प्रभारी की शिकायत पर विधायक समेत 10 नामजद और करीब 40 से 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस की FIR में विधायक और उनके समर्थकों पर थाना परिसर में घुसकर पुलिसकर्मियों से कथित तौर पर गाली-गलौज, हाथापाई, धमकी देने और हाजत में बंद एक आरोपी को जबरन छुड़ाने की कोशिश करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद शुरू हुआ विवाद, थाना प्रभारी को फोन करने का आरोप पुलिस के अनुसार, पूरा मामला 22 अगस्त 2026 की रात का है। बरवाअड्डा थाना कांड संख्या 129/2026 के एक आरोपी गणेश दास को नोटिस तामील कराने के लिए पुलिस टीम गई थी। पुलिस का आरोप है कि इस दौरान गणेश दास ने महिला एसआई मीनू कुमारी और अन्य पुलिसकर्मियों के साथ कथित तौर पर गाली-गलौज और हाथापाई की। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया और बरवाअड्डा थाने की हाजत में बंद कर दिया। FIR के मुताबिक, गणेश दास की गिरफ्तारी के बाद विधायक जयराम महतो ने थाना प्रभारी रवि कुमार को WhatsApp कॉल किया। पुलिस का आरोप है कि बातचीत के दौरान विधायक ने थाना प्रभारी के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और उन्हें नौकरी खत्म कराने की धमकी दी। FIR में यह भी आरोप लगाया गया है कि विधायक ने सरकार बदलने के बाद व्यक्तिगत कार्रवाई करने और वर्दी उतरवाने जैसी बातें कहीं। पुलिस का दावा है कि इसके बाद सोशल मीडिया, खासकर फेसबुक लाइव के माध्यम से समर्थकों को बरवाअड्डा थाना पहुंचने के लिए जुटाया गया। रात करीब 10 बजे विधायक जयराम महतो अपने समर्थकों के साथ बरवाअड्डा थाने पहुंचे। पुलिस के अनुसार, उनके साथ करीब 40 से 50 लोग थे। पुलिस का आरोप है कि थाना परिसर में पहुंचने के बाद स्थिति बिगड़ गई और वहां मौजूद पुलिस अधिकारियों के साथ कथित तौर पर गाली-गलौज और धक्का-मुक्की की गई। थाना प्रभारी की टेबल पर मुक्का मारने का आरोप, करीब ढाई घंटे तक थाने में हंगामा FIR में आरोप लगाया गया है कि विधायक के समर्थक दिलीप चौधरी ने थाना प्रभारी की टेबल पर जोर से मुक्का मारा, जिससे उनका नेम बोर्ड टूट गया। इसके बाद मामला और गंभीर हो गया। पुलिस का आरोप है कि विधायक ने हाजत में बंद गणेश दास को बाहर निकालने के लिए अपने समर्थकों को कहा। जब थाना प्रभारी ने आरोपी को बाहर निकालने से रोकने की कोशिश की, तो कथित तौर पर उनके साथ धक्का-मुक्की की गई। पुलिस के मुताबिक, थाने में करीब ढाई घंटे तक हंगामे की स्थिति बनी रही। इस दौरान गाली-गलौज और कथित धक्का-मुक्की के कारण पुलिस का सामान्य कामकाज प्रभावित हुआ। स्थिति बिगड़ने की सूचना मिलने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दी गई। इसके बाद गोविंदपुर और धनबाद से अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित किया गया। CCTV और ऑडियो रिकॉर्डिंग को बनाया गया साक्ष्य, इन लोगों के खिलाफ FIR पुलिस ने मामले की जांच के लिए थाने में लगे CCTV कैमरों की फुटेज और थाना प्रभारी को किए गए कथित WhatsApp कॉल की ऑडियो रिकॉर्डिंग को साक्ष्य के तौर पर सुरक्षित किया है। पुलिस अब इन साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। साथ ही थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों और अन्य लोगों के बयान भी लिए जा सकते हैं। बरवाअड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार के बयान पर विधायक जयराम महतो के अलावा सुशील मंडल, दिलीप चौधरी, राजकुमार मंडल, जितेंद्र हजारी, अजय दास, गोलक महतो, महेंद्र साव, रंजीत साव, राजेश महतो और त्रिपुरारी पांडेय समेत अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसके अलावा 40 से 50 अज्ञात लोगों को भी FIR में शामिल किया गया है। फिलहाल पुलिस ने मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पूरे विवाद में विधायक और उनके समर्थकों पर लगाए गए आरोपों की जांच जारी है। दूसरी ओर, मामले में विधायक पक्ष का क्या कहना है, यह सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी। Post navigation नेमरा में भर्ती सुधार यात्रा का विरोध, हेमंत सोरेन के पैतृक गांव में ग्रामीणों ने रोका रास्ता