झारखंड की राजधानी रांची स्थित हेवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड यानी HEC के पुनरुद्धार को लेकर कवायद तेज हो गई है। शुक्रवार को HEC की मौजूदा स्थिति और उसके रिवाइवल की योजना को लेकर केंद्रीय संसदीय उप-समिति के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में मुख्यमंत्री से मुलाकात की। इस दौरान HEC की वर्तमान स्थिति, उसकी समस्याओं और संस्थान को दोबारा मजबूत बनाने के लिए आगे की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा हुई। HEC को दोबारा मजबूत बनाने पर चर्चा बैठक में HEC की मौजूदा आर्थिक और प्रशासनिक स्थिति के साथ-साथ उसके पुनरुद्धार के लिए जरूरी कदमों पर चर्चा की गई। प्रतिनिधिमंडल और मुख्यमंत्री के बीच इस बात पर भी विचार-विमर्श हुआ कि देश के प्रमुख इंजीनियरिंग संस्थानों में शामिल रहे HEC को किस तरह फिर से मजबूत स्थिति में लाया जा सकता है। बैठक में भविष्य की योजनाओं और HEC के रिवाइवल के लिए उठाए जाने वाले संभावित कदमों को लेकर भी बातचीत हुई। 6 सदस्यीय उप-समिति का प्रतिनिधिमंडल, HEC के भविष्य को लेकर उम्मीद HEC के पुनरुद्धार के लिए गठित 6 सदस्यीय केंद्रीय संसदीय उप-समिति के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के साथ यह महत्वपूर्ण बैठक की। प्रतिनिधिमंडल में राज्यसभा सांसद और केंद्रीय संसदीय उप-समिति के अध्यक्ष तिरुची शिवा शामिल रहे। उनके अलावा सांसद सुलता देव, कोंडा विश्वेश्वर रेड्डी, हँसमुखभाई सोमाभाई पटेल और चंदन चौहान भी मौजूद रहे। बैठक में सांसद विजय हांसदा भी उपस्थित थे। रांची स्थित HEC लंबे समय से आर्थिक और अन्य चुनौतियों से जूझ रहा है। ऐसे में इसके पुनरुद्धार के लिए केंद्र स्तर पर गठित संसदीय उप-समिति की सक्रियता को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री और समिति के सदस्यों के बीच हुई चर्चा से उम्मीद जगी है कि HEC को फिर से मजबूत बनाने के लिए केंद्र और राज्य स्तर पर मिलकर आगे की रणनीति तैयार की जा सकती है। अब देखना होगा कि बैठक में हुई चर्चा के आधार पर HEC के पुनरुद्धार के लिए आगे कौन-कौन से ठोस कदम उठाए जाते हैं। यदि पुनरुद्धार की योजना सफल होती है तो इसका लाभ रांची के साथ-साथ झारखंड के औद्योगिक विकास और यहां काम करने वाले हजारों कर्मचारियों को भी मिल सकता है। Post navigation JSSC-CGL और CDPO नियुक्ति रद्द करने के आदेश पर हाईकोर्ट की रोक, अभ्यर्थियों को बड़ी राहत