JSSC CGL परीक्षा को रद्द करने और भर्ती प्रक्रिया में सुधार की मांग को लेकर प्रोजेक्ट भवन के मुख्य द्वार पर धरने पर बैठे चयनित अभ्यर्थियों को गुरुवार दोपहर सचिवालय सुरक्षा टीम ने वहां से हटा दिया। सुरक्षा अधिकारियों ने अभ्यर्थियों को बताया कि प्रोजेक्ट भवन के आसपास सुरक्षा कारणों से धारा 144 लागू है। ऐसे में बिना अनुमति धरना या प्रदर्शन करने की इजाजत नहीं है। सुरक्षा टीम के मौके पर पहुंचने के बाद अभ्यर्थियों से धरना समाप्त कर निर्धारित स्थान पर जाने को कहा गया। इसके बाद धरना स्थल पर लगाए गए टेंट और प्रदर्शन से जुड़ी अन्य सामग्रियों को हटा दिया गया। अधिकारियों ने अभ्यर्थियों को बताया कि प्रोजेक्ट भवन सचिवालय का मुख्य क्षेत्र है और यहां बड़ी संख्या में लोगों के धरना देने से सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ सरकारी कामकाज भी प्रभावित हो सकता है। इसी वजह से उन्हें वहां से हटाया गया। प्रोजेक्ट भवन के बाहर चल रहा था धरना, सुरक्षा टीम ने हटाया टेंट JSSC CGL के चयनित अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर प्रोजेक्ट भवन के मुख्य गेट के पास धरने पर बैठे थे। अभ्यर्थियों की मांग है कि JSSC CGL परीक्षा की प्रक्रिया की जांच की जाए और परीक्षा को रद्द करने सहित उनकी मांगों पर सरकार स्पष्ट फैसला ले। अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया को लेकर उनके बीच कई तरह की आशंकाएं हैं। वे सरकार से पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और अभ्यर्थियों के हित में उचित कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।इसी मांग को लेकर अभ्यर्थी प्रोजेक्ट भवन के बाहर लगातार प्रदर्शन कर रहे थे। उन्होंने वहां टेंट लगाकर धरना शुरू किया था। गुरुवार दोपहर सचिवालय सुरक्षा टीम मौके पर पहुंची और अभ्यर्थियों को धारा 144 लागू होने की जानकारी दी। अधिकारियों ने कहा कि इस क्षेत्र में बिना अनुमति धरना या प्रदर्शन नहीं किया जा सकता। इसके बाद सुरक्षा टीम ने धरना स्थल पर लगाए गए टेंट और अन्य सामान को हटवा दिया। अभ्यर्थियों को भी वहां से हटने को कहा गया। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को यह भी स्पष्ट किया कि प्रशासन ने धरना और प्रदर्शन के लिए अलग स्थान निर्धारित किया है। इसलिए अगर वे अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखना चाहते हैं तो उन्हें निर्धारित जगह पर प्रदर्शन करना होगा। कुटे मैदान में आंदोलन जारी रखने की सलाह, मांगों पर अड़े अभ्यर्थी प्रशासन की ओर से अभ्यर्थियों को विधानसभा के पास स्थित कुटे मैदान में जाकर अपना आंदोलन जारी रखने की सलाह दी गई है। अधिकारियों ने कहा कि प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थान पर अभ्यर्थी अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से रख सकते हैं। इससे प्रोजेक्ट भवन जैसे उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र में प्रशासनिक कामकाज और सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित नहीं होगी। प्रोजेक्ट भवन से हटाए जाने के बावजूद अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने के मूड में नहीं हैं। उनका कहना है कि उनका आंदोलन परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर है और वे अपनी मांग सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि अगर सरकार उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार करती है और उन्हें उचित समाधान मिलता है, तो स्थिति सामान्य हो सकती है। फिलहाल वे अपने आंदोलन को निर्धारित स्थान पर ले जाने की तैयारी कर रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि JSSC CGL अभ्यर्थी कुटे मैदान में अपना आंदोलन किस तरह आगे बढ़ाते हैं और सरकार की ओर से उनकी मांगों पर क्या कदम उठाया जाता है। Post navigation आंदोलनकारियों के आश्रितों के आरक्षण पर पुष्कर महतो का सवाल, मुख्यमंत्री से मांगा जवाब पाथरडीह कोल वाशरी में बड़ा हादसा, वेल्डिंग मशीन में जोरदार धमाका, 3 मजदूर झुलसे