केंद्र सरकार ने सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक और नकल जैसी अनियमितताओं पर सख्ती करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सोमवार को लोकसभा में पब्लिक एग्जामिनेशन संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया। सरकार का कहना है कि इस विधेयक का मकसद प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक, नकल और अन्य अनुचित तरीकों पर प्रभावी रोक लगाना है, ताकि परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जा सके। हालांकि, इस बिल को पेश किए जाने के दौरान संसद का माहौल काफी गर्म रहा। नीट पेपर लीक मामले और छात्रों के प्रदर्शन को लेकर विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया। लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में विपक्षी सांसदों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। राज्यसभा में हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही पहले स्थगित हुई और बाद में दोपहर दो बजे तक के लिए टालनी पड़ी। विपक्ष से चर्चा की अपील, धर्मेंद्र प्रधान का संसद में स्वागत संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष, खासकर कांग्रेस से अपील की कि वह हंगामा करने के बजाय इस महत्वपूर्ण विधेयक पर संसद में खुलकर चर्चा करे। उन्होंने कहा कि यह कानून लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा हुआ है। यदि इतने महत्वपूर्ण विषय पर भी चर्चा नहीं होगी, तो इससे छात्रों और देश के बीच गलत संदेश जाएगा। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से छात्रों के हित में सकारात्मक बहस करने की अपील की। नीट पेपर लीक विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने के दो दिन बाद धर्मेंद्र प्रधान सोमवार को संसद पहुंचे। संसद परिसर के मकर द्वार पर एनडीए के कई सांसद पहले से उनका इंतजार कर रहे थे। उनके पहुंचते ही सांसदों ने पारंपरिक पगड़ी पहनाकर उनका स्वागत किया और उनके समर्थन में नारे लगाए। सांसद उनके साथ संसद भवन के अंदर तक गए। इस दौरान “धर्मेंद्र प्रधान जिंदाबाद” के नारे भी लगाए गए। बाद में विपक्षी सांसदों के साथ उनकी हल्की नोकझोंक भी देखने को मिली। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी का प्रदर्शन दूसरी ओर, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और इंडिया गठबंधन के कई सांसदों ने संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। विपक्ष ने 20 जुलाई को नीट-यूजी पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई का विरोध किया और गृह मंत्री अमित शाह से जवाब मांगा। संसद के मकर द्वार के पास हुए इस प्रदर्शन में विपक्षी सांसदों ने हाथों में बड़े-बड़े बैनर और तख्तियां लेकर सरकार के खिलाफ नारे लगाए। बैनर पर लिखा था, “वोट चोरी, पेपर चोरी, चंदा चोरी।” प्रियंका गांधी समेत कई नेताओं ने “शिक्षा चोरी” के नारे लगाए और आरोप लगाया कि सरकार देश की शिक्षा व्यवस्था को कमजोर कर रही है। एंटी पेपर लीक बिल पेश होने के साथ ही संसद में राजनीतिक माहौल और गरमा गया। एक ओर सरकार इस विधेयक को छात्रों के हित में बड़ा कदम बता रही है, वहीं विपक्ष नीट पेपर लीक मामले और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार को लगातार घेर रहा है। आने वाले दिनों में इस विधेयक पर संसद में विस्तृत चर्चा होने की संभावना है। Post navigation 26 दिन बाद टूटा सोनम वांगचुक का अनशन, सरकार से बातचीत पर बनी सहमति