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देशभर में पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ चल रहे छात्र-युवा आंदोलन को अब झारखंड आंदोलनकारियों का भी समर्थन मिल गया है। झारखंड आंदोलनकारी अधिकार मंच ने कहा है कि वह छात्रों के आंदोलन के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है और उनकी मांगों का समर्थन करता है। मंच के नेताओं ने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाओं से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उनका आरोप है कि छात्रों से शिक्षा का मौलिक अधिकार छीना जा रहा है। ऐसे में छात्रों का आंदोलन पूरी तरह जायज है और सरकार को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

संसद मार्च में लाठीचार्ज का किया विरोध, सरकार से की कार्रवाई की मांग

मंच ने संसद मार्च के दौरान छात्रों पर हुए लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले छोड़े जाने और कथित हमले की कड़ी आलोचना की। नेताओं ने कहा कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, वह लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है। मंच ने लाठीचार्ज में घायल हुई झारखंड की छात्रा साक्षी के बेहतर इलाज की मांग की है। साथ ही सीसीटीवी फुटेज के आधार पर घटना की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और साक्षी को 50 लाख रुपये मुआवजा देने की भी मांग की है। झारखंड आंदोलनकारी अधिकार मंच ने राष्ट्रपति से अपील की कि वे अपने संवैधानिक अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए हालात सामान्य बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाएं। मंच ने केंद्र सरकार से भी छात्रों की मांगों पर जल्द फैसला लेने की अपील की।

अनहोनी हुई तो आंदोलन होगा तेज, झारखंड सरकार से भी की अपील

मंच ने कहा कि पर्यावरणविद सोनम वांगचुक पिछले 25 दिनों से अनशन पर हैं। इसके अलावा छात्र नेता नेहा, मनीष और अमीन भी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। मंच ने सरकार से इन सभी आंदोलनकारियों से जल्द बातचीत कर समाधान निकालने की मांग की। झारखंड आंदोलनकारी अधिकार मंच के नेताओं ने कहा कि यदि आंदोलनकारियों या छात्रों के साथ किसी तरह की अनहोनी होती है, तो झारखंड के आंदोलनकारी चुप नहीं बैठेंगे और आंदोलन को और तेज किया जाएगा। मंच ने झारखंड सरकार से अपील की कि लाठीचार्ज में घायल छात्रा साक्षी के इलाज की व्यक्तिगत निगरानी की जाए और उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

धुर्वा में हुई आपात बैठक

इन सभी मुद्दों को लेकर झारखंड आंदोलनकारी अधिकार मंच की एक आपात बैठक रांची के धुर्वा में आयोजित की गई। बैठक में मंच के नेताओं ने देशभर में चल रहे छात्र-युवा आंदोलन पर चर्चा की और सर्वसम्मति से इस आंदोलन में शामिल होकर छात्रों का समर्थन करने का निर्णय लिया। बैठक में स्टीफन किंडो, बदरी सिंह, सीताराम उरांव, जगदीश लकड़ा, गौतम कुमार बोस, अली हसन, दिनेश राम, हरेन्द्र महतो, मोहम्मद आबिद और भुवनेश्वर केवट सहित कई आंदोलनकारी नेता मौजूद रहे।

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