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करीब पांच साल के लंबे इंतजार के बाद झारखंड राज्य सूचना आयोग एक बार फिर पूरी तरह से काम करने की स्थिति में आ गया है। बुधवार को राज्य के चार नए सूचना आयुक्तों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली। लोक भवन में आयोजित समारोह में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने सभी नवनियुक्त सूचना आयुक्तों को शपथ दिलाई। शपथ लेने वाले नए सूचना आयुक्तों में वरिष्ठ पत्रकार अनुज सिन्हा, झामुमो के पूर्व प्रवक्ता तनुज खत्री, भाजपा के पूर्व मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक और कांग्रेस के पूर्व प्रदेश महासचिव अमूल नीरज खलखो शामिल हैं। इन नियुक्तियों के बाद सूचना आयोग के सभी खाली पद भर गए हैं। अब आयोग में सूचना के अधिकार (RTI) से जुड़ी अपीलों और शिकायतों की सुनवाई नियमित रूप से हो सकेगी, जिससे आम लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।

पारदर्शिता और चयन प्रक्रिया पर उठे थे सवाल

सूचना आयुक्तों की नियुक्ति से पहले चयन प्रक्रिया को लेकर कई सवाल भी उठे थे। लोक भवन की ओर से सरकार से पूछा गया था कि जिन लोगों का चयन किया गया है, उनकी योग्यता, निष्पक्षता और स्वतंत्र रूप से काम करने की क्षमता का आकलन किस आधार पर किया गया। राज्यपाल ने सरकार से पूरी चयन प्रक्रिया की जानकारी मांगी थी। सरकार ने अपने जवाब में बताया कि सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI Act) के नियमों का पूरी तरह पालन करते हुए चयन समिति ने सभी नामों का चयन किया है। सरकार का कहना था कि जिन उम्मीदवारों के नाम भेजे गए हैं, वे सभी कानून के अनुसार योग्य हैं। जानकारी के अनुसार, सरकार की ओर से भेजी गई नियुक्ति संबंधी फाइल कुछ बिंदुओं पर दो बार वापस की गई थी। इसके बाद सरकार ने तीसरी बार उन्हीं नामों के साथ फाइल दोबारा भेजी। सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद राज्यपाल ने इन नियुक्तियों को मंजूरी दे दी। झारखंड राज्य सूचना आयोग में लंबे समय से सूचना आयुक्तों के पद खाली होने के कारण आयोग का कामकाज प्रभावित हो रहा था। पिछले करीब पांच वर्षों में सूचना के अधिकार से जुड़े बड़ी संख्या में मामले लंबित हो गए थे। अब चार नए सूचना आयुक्तों की नियुक्ति के बाद उम्मीद की जा रही है कि लंबित मामलों की सुनवाई में तेजी आएगी और लोगों को समय पर न्याय और सूचना प्राप्त हो सकेगी।

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