कांके रोड स्थित गांधी नगर दुर्गा पूजा समिति की ओर से इस वर्ष दुर्गा पूजा को खास और आकर्षक बनाने की तैयारी की जा रही है। यहां श्रीलंका के प्राचीनतम शिव मंदिर की वास्तुकला से प्रेरित भव्य पूजा पंडाल का निर्माण कराया जा रहा है। पंडाल में श्रद्धालुओं को आस्था, इतिहास और सनातन संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। समिति का प्रयास है कि पूजा पंडाल अपनी भव्यता के साथ धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं की झलक भी प्रस्तुत करे। चार दिनों तक गूंजेगा भक्ति और संगीत का संगम दुर्गा पूजा के दौरान गांधी नगर में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने की उम्मीद है। मां दुर्गा के दर्शन और पूजा-अर्चना के साथ लोगों को विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लेने का अवसर भी मिलेगा। इसके लिए समिति की ओर से चार दिनों तक अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन आयोजनों में संगीत, गरबा, डांडिया और भजन संध्या के साथ धार्मिक झांकी भी आकर्षण का केंद्र रहेगी। समिति के सचिव मनोज भगत ने बताया कि श्रद्धालुओं और क्षेत्रवासियों के लिए 17 अक्टूबर को ऑर्केस्ट्रा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके बाद 18 अक्टूबर को गरबा नाइट और 19 अक्टूबर को डांडिया नाइट का आयोजन होगा। वहीं, 20 अक्टूबर को भजन संध्या के साथ धार्मिक झांकी प्रस्तुत की जाएगी। इन कार्यक्रमों के माध्यम से श्रद्धालु धार्मिक वातावरण में सांस्कृतिक उत्सव का आनंद ले सकेंगे। समिति की ओर से पंडाल निर्माण और पूजा की तैयारियां लगातार की जा रही हैं। समिति के अध्यक्ष नलिन रंजन मिश्रा, सचिव मनोज भगत और कोषाध्यक्ष रमेश प्रसाद के नेतृत्व में सदस्य आयोजन को सफल बनाने में जुटे हैं। पूजा पंडाल को आकर्षक रूप देने के साथ श्रद्धालुओं के लिए बेहतर व्यवस्था करने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। गांधी नगर दुर्गा पूजा समिति ने क्षेत्र के श्रद्धालुओं और आम लोगों से सपरिवार पूजा पंडाल पहुंचने और मां दुर्गा का आशीर्वाद लेने की अपील की है। समिति ने लोगों से दुर्गा पूजा का पर्व हर्षोल्लास, शांति, सौहार्द और आपसी भाईचारे के साथ मनाने का आग्रह किया है। समिति का मानना है कि दुर्गा पूजा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि लोगों को एक-दूसरे के करीब लाने और सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने का अवसर भी है। इसी उद्देश्य के साथ इस वर्ष गांधी नगर में भव्य पूजा पंडाल और विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारी की जा रही है। Post navigation झारखंड में 108 एंबुलेंस सेवा पर संकट, कर्मचारियों का आंदोलन तेज; 21 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान