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राजधानी दिल्ली में शनिवार को कॉकरोच जनता पार्टी के प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर सीजेपी के नेताओं ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने का एलान किया है। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इस प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। इसके बावजूद नेताओं और समर्थकों के दिल्ली पहुंचने की सूचना के बाद पुलिस सतर्क हो गई है। एयरपोर्ट से लेकर जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों तक सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रदर्शन की आशंका का असर राजधानी की सामान्य गतिविधियों पर भी पड़ने लगा है। दिल्ली पुलिस ने दिल्ली मेट्रो रेल निगम से 45 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद रखने का अनुरोध किया है। वहीं, विद्यार्थियों की सुरक्षा और आवागमन में संभावित परेशानी को देखते हुए कई स्कूलों ने ऑनलाइन कक्षाएं चलाने का फैसला किया है। कुछ शिक्षण संस्थानों ने अपने कार्यक्रम स्थगित कर दिए हैं, जबकि कई कॉलेजों की परीक्षाएं भी आगे बढ़ा दी गई हैं।

सीजेपी के नेता अभिजीत दीपके, सौरभ दास और आशुतोष रांका ने शनिवार को दिल्ली में प्रदर्शन करने की घोषणा की है। उनकी मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे से जुड़ी है। नेताओं ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपने दिल्ली पहुंचने और समर्थकों के जंतर-मंतर पर एकत्र होने की जानकारी साझा की थी। शुक्रवार रात सोशल मीडिया पर किए गए पोस्ट में सीजेपी से जुड़े नेताओं ने समर्थकों से शनिवार सुबह 10:30 बजे जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की थी। इन पोस्ट में अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका, सौरभ दास और ध्रुव राठी के नाम सामने आए थे। इसके बाद पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी। हालांकि, पुलिस ने प्रस्तावित प्रदर्शन के लिए अनुमति देने से इनकार कर दिया है। ऐसे में प्रदर्शन के लिए दिल्ली पहुंचने वाले नेताओं और समर्थकों की गतिविधियों पर पुलिस की नजर बनी हुई है।

सीजेपी के नेताओं ने सोशल मीडिया पर शनिवार सुबह 10:30 बजे तक राजधानी पहुंचने की जानकारी दी थी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, नेताओं के एयरपोर्ट से बाहर निकलते ही उन्हें हिरासत में लिया जा सकता है। हालांकि, हिरासत में लिए जाने की कार्रवाई को लेकर अंतिम स्थिति की आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है। अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर हाथ में पट्टी बांधे हुए अपनी तस्वीर साझा की थी। उन्होंने पोस्ट में सुबह 9:30 बजे दिल्ली पहुंचने की बात कही थी। उनके इस पोस्ट के बाद पुलिस की निगरानी और बढ़ा दी गई। सूत्रों के अनुसार, एयरपोर्ट के बाहर स्पेशल सेल के कई पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। पुलिस की कोशिश है कि प्रस्तावित प्रदर्शन के कारण कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित न हो। राजधानी में आने वाले नेताओं और समर्थकों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।

दिल्ली पुलिस की सोशल मीडिया टीम इंटरनेट मीडिया पर लगातार निगरानी कर रही है। पुलिस ऐसे पोस्ट पर नजर रख रही है, जिनमें भ्रामक या तथ्यहीन जानकारी साझा किए जाने और उससे राजधानी में माहौल खराब होने की आशंका है। शुक्रवार रात सोशल मीडिया पर प्रदर्शन से संबंधित कई पोस्ट किए गए थे। इनमें समर्थकों से शनिवार सुबह 10:30 बजे जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की गई थी। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह तक इन नेताओं की ओर से कोई नया पोस्ट साझा नहीं किया गया था। पुलिस इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रही सूचनाओं पर नजर रखते हुए किसी भी संभावित स्थिति से निपटने की तैयारी कर रही है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य राजधानी में शांति बनाए रखना और सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी तरह की अव्यवस्था को रोकना है।

शनिवार सुबह कनॉट प्लेस की ओर से कुछ सीजेपी समर्थकों ने जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश की। पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया और हिरासत में ले लिया। यह कार्रवाई प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए की गई। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने के बावजूद समर्थकों के पहुंचने की आशंका को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। पुलिसकर्मी प्रमुख रास्तों और संवेदनशील स्थानों पर नजर रख रहे हैं, ताकि किसी भी तरह की भीड़ या अव्यवस्था को समय रहते नियंत्रित किया जा सके। प्रदर्शन के कारण आसपास के इलाकों में यातायात और आम लोगों की आवाजाही प्रभावित होने की आशंका भी जताई गई है। इसी वजह से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।

जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन और मेट्रो सेवाओं में संभावित बाधा की आशंका का असर दिल्ली के कई स्कूलों पर भी पड़ा है। नई दिल्ली क्षेत्र में बैरिकेडिंग, यातायात की स्थिति और विद्यार्थियों के सुरक्षित आवागमन को ध्यान में रखते हुए स्कूल प्रबंधन ने अपने कार्यक्रमों में बदलाव किए हैं। कुछ स्कूलों ने शनिवार को कक्षाएं ऑनलाइन कराने का फैसला लिया है। वहीं, कई स्कूलों ने अभिभावक-शिक्षक बैठक, खेल अभ्यास, अतिरिक्त कक्षाएं और अन्य कार्यक्रम स्थगित कर दिए हैं। सरदार पटेल विद्यालय ने कक्षा छह से 12वीं तक के विद्यार्थियों की कक्षाएं शनिवार को ऑनलाइन कराने का निर्णय लिया है। स्कूल प्रबंधन ने यह फैसला नई दिल्ली क्षेत्र में बैरिकेडिंग और विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर किया है। रघुबीर सिंह जूनियर मॉडर्न स्कूल ने शनिवार को होने वाली अभिभावक-शिक्षक बैठक को स्थगित कर दिया है। कस्तूरबा गांधी मार्ग स्थित भारतीय विद्या भवन के मेहता विद्यालय ने भी शनिवार के कार्यक्रमों में बदलाव किया है। स्कूल ने कक्षा नौ से 12वीं तक के विद्यार्थियों का खेल अभ्यास और अतिरिक्त कक्षाएं रद्द कर दी हैं।

दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन और सुरक्षा संबंधी आशंकाओं को देखते हुए दिल्ली मेट्रो रेल निगम से विशेष व्यवस्था करने का अनुरोध किया है। पुलिस ने शुक्रवार रात नौ बजे से अगले आदेश तक 45 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद रखने को कहा है। पुलिस को आशंका है कि प्रदर्शन के कारण कुछ मेट्रो स्टेशनों पर यात्रियों की भीड़ बढ़ सकती है और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए मेट्रो स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में यह अनुरोध किया गया है। हालांकि, पुलिस के अनुरोध और डीएमआरसी की ओर से वास्तव में लागू किए गए प्रतिबंधों के बीच अंतर हो सकता है। यात्रियों को यात्रा से पहले संबंधित मेट्रो स्टेशनों की आधिकारिक सूचना की पुष्टि करनी चाहिए। सीजेपी के प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर की गई तैयारियों का असर राजधानी के कई हिस्सों में दिखाई दे रहा है। सुरक्षा व्यवस्था, बैरिकेडिंग और मेट्रो सेवाओं को लेकर जताई गई आशंकाओं के कारण स्कूलों, कॉलेजों और अन्य संस्थानों को अपने कार्यक्रम बदलने पड़े हैं। स्कूलों ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ऑनलाइन कक्षाओं और कार्यक्रम स्थगित करने का रास्ता अपनाया है। वहीं, कॉलेजों ने परीक्षाओं की तारीख बदलकर विद्यार्थियों को अतिरिक्त समय दिया है। आम यात्रियों के लिए भी मेट्रो सेवाओं से संबंधित जानकारी महत्वपूर्ण हो गई है। यदि कुछ स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद किए जाते हैं, तो यात्रियों को वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करना पड़ सकता है। इससे यात्रा में अतिरिक्त समय लगने की संभावना है।

दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर पुलिस और प्रशासन की मुख्य चिंता कानून-व्यवस्था बनाए रखना है। नेताओं के दिल्ली पहुंचने, समर्थकों के जंतर-मंतर आने और सोशल मीडिया पर प्रदर्शन से संबंधित पोस्ट साझा किए जाने के कारण सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं। पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है और समर्थकों को जंतर-मंतर पहुंचने से रोकने के लिए कार्रवाई भी की है। साथ ही, एयरपोर्ट और अन्य संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाई गई है।

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