बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के विरोध में महागठबंधन का आंदोलन गुरुवार को पटना की सड़कों पर देखने को मिला। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में महागठबंधन के नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता राजभवन मार्च के लिए निकले। हालांकि, पुलिस ने मार्च को आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद तेजस्वी यादव समेत कई नेताओं को हिरासत में ले लिया गया। राजभवन मार्च के दौरान पुलिस ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की थी। जब मार्च को रोका गया तो मौके पर नेताओं और पुलिस के बीच काफी देर तक स्थिति बनी रही। इसके बाद पुलिस ने तेजस्वी यादव समेत कई नेताओं को हिरासत में लेकर पुलिस वाहनों में बैठाया। SIR के विरोध में पटना में शक्ति प्रदर्शन, तेजस्वी हिरासत में लिए गए तो समर्थकों ने घेरा वाहन तेजस्वी यादव को हिरासत में लिए जाने के बाद उनके वाहन के आसपास बड़ी संख्या में महागठबंधन के कार्यकर्ता जमा हो गए। इससे कुछ समय के लिए मौके पर अफरा-तफरी का माहौल भी बना। पुलिस और सुरक्षाकर्मियों ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। महागठबंधन की ओर से SIR के खिलाफ पहले ही चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान किया गया था। इसी कार्यक्रम के तहत 7 अक्टूबर को बिहार के सभी प्रखंड मुख्यालयों पर आक्रोश मार्च निकाला गया और पुतला दहन किया गया था। इसके बाद 8 अक्टूबर को जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन और पटना में राजभवन मार्च का कार्यक्रम तय किया गया था। महागठबंधन के नेता SIR की प्रक्रिया और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर सवाल उठा रहे हैं। इसी मुद्दे को लेकर नेता और कार्यकर्ता राजभवन की ओर मार्च कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे अपनी मांगों और आपत्तियों को राजभवन तक पहुंचाना चाहते हैं। हालांकि, पुलिस ने मार्च को आगे जाने की अनुमति नहीं दी। प्रदर्शन को देखते हुए पटना में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे। संवेदनशील इलाकों में पांच स्तर की बैरिकेडिंग की गई थी। बड़ी संख्या में पुलिस बल और RAF के जवानों को तैनात किया गया था। इसके अलावा किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर वाटर कैनन भी तैयार रखा गया था। राजभवन मार्च के दौरान हिरासत में लिए गए नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस वाहनों से मौके से हटाया गया। पूरे घटनाक्रम के दौरान पुलिस की ओर से सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष नजर रखी गई। SIR को लेकर महागठबंधन का विरोध प्रदर्शन अब आगे किस रूप में जारी रहेगा, इस पर भी राजनीतिक हलकों की नजर बनी हुई है। Post navigation पुलिस का धावा और फिर मची भगदड़, जान बचाने पुनपुन नदी में कूदे लोग; दो की मौत