संत प्रेमानंद के शिष्य की मौत की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस, मोबाइल और CCTV फुटेज की जांच वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य की मौत के मामले में पुलिस जांच जारी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आत्महत्या से पहले मृतक ने खुद को गंभीर रूप से घायल क्यों किया और इसके पीछे क्या वजह थी। मामले की जांच के लिए पुलिस ने मृतक का मोबाइल और खून के नमूने फोरेंसिक जांच के लिए भेजे हैं। साथ ही जिस अपार्टमेंट में घटना हुई, वहां लगे CCTV कैमरों की DVR भी पुलिस ने कब्जे में ले ली है। मृतक की पहचान मध्य प्रदेश के जबलपुर निवासी दीपक लोढ़ा के रूप में हुई है। बताया गया है कि करीब दो साल पहले वह वृंदावन आए थे। यहां उन्होंने संत प्रेमानंद महाराज से दीक्षा ली थी और इसके बाद उनका नाम रसिक दुलारी शरण हो गया था। वह वृंदावन में रहकर साधु जीवन व्यतीत कर रहे थे। पुलिस के अनुसार, रसिक दुलारी शरण श्रीराधा केलिकुंज आश्रम के पास राधावाटिका वाली गली स्थित गुरुकृपा कुंज अपार्टमेंट में रहते थे। शुक्रवार सुबह उन्होंने अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से छलांग लगा दी, जिससे उनकी मौत हो गई। CCTV फुटेज से सामने आई घटनाक्रम की जानकारी पुलिस ने अपार्टमेंट के CCTV कैमरों की जांच की है। फुटेज के मुताबिक, सुबह करीब 10:25 बजे रसिक दुलारी शरण कमरे से बाहर निकले। इसके बाद वह कुछ समय तक अपार्टमेंट में घूमते रहे और फिर चौथी मंजिल की छत पर चले गए। CCTV फुटेज के अनुसार कुछ देर बाद वह छत पर लेटे और फिर अचानक उठकर 10:36 बजे छत से नीचे कूद गए। घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। रविवार को छत से गिरने से संबंधित एक वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हुआ। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि आत्महत्या से पहले उन्होंने खुद को गंभीर रूप से घायल क्यों किया। यही सवाल फिलहाल जांच का प्रमुख हिस्सा बना हुआ है। मोबाइल से डाटा मिलने की उम्मीद पुलिस ने मृतक का मोबाइल फोरेंसिक जांच के लिए भेजा है। जांच अधिकारियों को उम्मीद है कि मोबाइल से मिलने वाले डाटा से घटना से पहले की उनकी गतिविधियों और संपर्कों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या मोबाइल से कोई फोटो, वीडियो, चैट या अन्य डाटा डिलीट किया गया था। यदि ऐसा हुआ है तो फोरेंसिक जांच के जरिए उसे रिकवर करने की कोशिश की जाएगी। इससे घटना से पहले की परिस्थितियों को समझने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा पुलिस ने अपार्टमेंट में रहने वाले कुछ अन्य साधकों से भी पूछताछ की है और उनके मोबाइल की भी जांच की गई है। फिलहाल पुलिस को जांच में कोई निर्णायक जानकारी हाथ नहीं लगी है। पुलिस का कहना है कि CCTV फुटेज, फोरेंसिक रिपोर्ट और मोबाइल से मिलने वाले डाटा के आधार पर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने की कोशिश की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना से पहले वास्तव में क्या परिस्थितियां बनी थीं। Post navigation बकाया ट्रैफिक चालान की वसूली के लिए बिजली बिल से जोड़ने का सुझाव, सुप्रीम कोर्ट ने दिए कई विकल्प