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जमुई प्रकरण में पीड़ित छात्र का परिवार पहली बार मीडिया के सामने आया। छात्र के पिता ने घटना की जानकारी मिलने से लेकर बेटे से पूरी बात जानने तक की आपबीती साझा की। उन्होंने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी किसी प्रत्यक्षदर्शी से नहीं, बल्कि अपने कार्यालय के एक स्टाफ के फोन से मिली थी। इसके कुछ ही देर बाद स्टाफ ने उन्हें घटना का वीडियो वॉट्सऐप पर भेजा। वीडियो देखते ही वह घबरा गए और तत्काल घर पहुंचे। पिता के अनुसार, 19 सितंबर की रात करीब 9:30 बजे उनका बेटा घर लौटा था। उसके शरीर के कुछ हिस्सों पर चोट के निशान थे। जब उन्होंने बेटे से चोट के बारे में पूछा तो उसने केवल इतना कहा कि वह गिर गया था। इसके बाद उसने कहा कि वह सोने जा रहा है और उसे अभी न जगाया जाए। छात्र अपने कमरे में चला गया और दरवाजा बंद कर सो गया।

पिता ने बताया कि बेटे के शरीर पर चोट के निशान देखकर उन्होंने उससे पूछा कि आखिर चोट कैसे लगी। लेकिन छात्र ने ज्यादा कुछ नहीं बताया। उसने खुद के गिरने की बात कही और आराम करने के लिए कमरे में चला गया। जब उसकी मां ने रात में खाना खाने के लिए उसे बुलाया तो उसने कमरे से ही कहा कि उसे भूख नहीं है। अगले दिन यानी रविवार को भी वह देर तक अपने कमरे में सोता रहा। दोपहर तक जब वह कमरे से बाहर नहीं आया तो पिता ने उसे खाना खाने के लिए बुलाया। इस पर उसने कहा कि उसकी तबीयत ठीक नहीं है और वह खाना नहीं खाएगा। परिवार को लगा कि शायद मौसम बदलने की वजह से उसे बुखार या कोई दूसरी परेशानी हो गई है। इसलिए परिवार ने उसके पसंद का खाना बाहर से मंगवाकर उसके कमरे में रख दिया।

छात्र के पिता ने बताया कि रविवार को वह कॉलोनी के कुछ दोस्तों के साथ बाहर घूम रहे थे। इसी दौरान शाम करीब पांच बजे उनके कार्यालय के एक स्टाफ का फोन आया। स्टाफ ने उन्हें बताया कि उनके बेटे के साथ कुछ लोग मारपीट कर रहे हैं। उसने पिता से बेटे के बारे में पता लगाने और उसे देखने के लिए कहा। फोन आने के कुछ ही देर बाद स्टाफ ने उनके वॉट्सऐप पर घटना का वीडियो भेज दिया। पिता ने जैसे ही वीडियो देखा, वह बुरी तरह घबरा गए। उन्होंने बताया कि कुछ देर तक उन्हें समझ ही नहीं आया कि आखिर उनके बच्चे के साथ क्या हुआ है। इसके बाद वह बिना देर किए घर की ओर रवाना हो गए। पिता ने बताया कि घर पहुंचने पर उन्होंने देखा कि उनका बेटा अपने कमरे में लेटा हुआ था। एक तरफ उनके मोबाइल में घटना का वीडियो था और दूसरी तरफ उनका बेटा कमरे में मौजूद था। उन्होंने बताया कि उस समय उनके मन में कई सवाल उठ रहे थे। वह यह समझने की कोशिश कर रहे थे कि वीडियो में दिखाई दे रही घटना और उनके सामने कमरे में लेटे बेटे के बीच आखिर क्या संबंध है। शुरुआत में बेटे ने घटना के बारे में कुछ भी बताने से इनकार कर दिया। वह डरा हुआ था और चुप था।

पिता ने बताया कि उन्होंने बेटे को समझाया और उसका हौसला बढ़ाया। उन्होंने उससे कहा कि वह डरे नहीं, क्योंकि परिवार उसके साथ है। पिता के अनुसार, उन्होंने बेटे से कहा, “डरो मत, मैं तुम्हारे साथ हूं। जो हो गया, उसे अब बदला नहीं जा सकता, लेकिन पूरी जानकारी सामने आनी चाहिए।” इसके बाद छात्र ने अपने पिता को घटना के बारे में बताया।

पिता के मुताबिक, बेटे ने बताया कि वह अपनी एक दोस्त के साथ ट्यूशन गया था। उस दिन मौसम अच्छा था। ट्यूशन के ब्रेक के दौरान दोनों घूमने के लिए पहाड़ की तरफ चले गए। छात्र के मुताबिक, शाम करीब 6:15 बजे दोनों पहाड़ की ओर गए थे। करीब सात बजे जब वे वापस लौट रहे थे, तभी कुछ लड़कों ने उन्हें रोक लिया। आरोप है कि इसके बाद उनके साथ मारपीट की गई और छात्रा के साथ बदसलूकी की गई। इसी दौरान पूरी घटना का वीडियो बनाए जाने और बाद में उसे इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित किए जाने का भी आरोप है।

पिता ने बताया कि उनका बेटा जब घटना के बारे में विस्तार से बता रहा था, तभी दोबारा घबरा गया। उसकी तबीयत भी खराब होने लगी। इसके बाद परिवार के लोगों ने उसे संभाला। परिवार के अनुसार, घटना के बाद छात्र काफी डरा हुआ और चुप-चुप रहने लगा था। परिजनों को उसकी मानसिक स्थिति को लेकर चिंता होने लगी थी। पीड़ित छात्र की मां ने भी घटना के बाद के हालात के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि 20 सितंबर की शाम जब उनके पति घर लौटे तो वह काफी डरे हुए थे। मां के मुताबिक, उन्होंने पति से पूछा कि क्या हुआ है। इसके बाद पति ने पहले बेटे के बारे में पूछा और फिर उन्हें वॉट्सऐप पर वीडियो दिखाया। इसके बाद दोनों बेटे के कमरे में गए और उससे बात की। मां के अनुसार, बेटे ने बताया कि घटना एक दिन पहले हुई थी और अब उसका वीडियो वायरल हो रहा था। इसके बाद उसने अपने साथ हुई पूरी घटना परिवार को विस्तार से बताई। पीड़ित छात्र की मां ने कहा कि घटना के बाद के करीब सात दिन परिवार के लिए बेहद मुश्किल रहे। हालांकि, उन्होंने बताया कि अब धीरे-धीरे परिवार सामान्य जिंदगी की ओर लौट रहा है। उन्होंने प्रशासन की ओर से मिले सहयोग पर भी संतोष जताया।

पीड़ित छात्र के पिता ने घटना को लेकर समाज में संवेदनशीलता बढ़ाने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि बच्चों को केवल डांटने के बजाय उनसे बात करनी चाहिए और उन्हें सही-गलत का फर्क समझाना चाहिए। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को प्यार देने, उनसे अच्छे से बातचीत करने और उन्हें नैतिक शिक्षा देने की अपील की। उनका कहना था कि अगर बच्चे कोई गलती करते हैं तो उन्हें केवल डांटने के बजाय समझाने की जरूरत है। पिता ने कहा कि किसी भी बच्ची या महिला के साथ इस तरह की घटना बेहद गंभीर और गलत है। उन्होंने कहा कि आरोपितों को यह सोचना चाहिए कि उनके अपने परिवार में भी मां, बहन और भाभी हैं। उन्होंने समाज के लोगों से ऐसी घटनाओं के प्रति संवेदनशील रहने और बच्चों में सही संस्कार विकसित करने की अपील की। पीड़ित छात्र के पिता ने पुलिस की कार्रवाई पर संतोष जताया। हालांकि, उन्होंने आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए एक बेहद कठोर प्रतिक्रिया भी दी। उन्होंने कहा कि घटना के आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

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