बंगाल की खाड़ी में बने डिप्रेशन का असर झारखंड के मौसम पर भी दिखाई देने लगा है। मौसम विभाग के अनुसार, यह सिस्टम पिछले छह घंटों के दौरान उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़ा है। इसके आगे और मजबूत होकर गहरे डिप्रेशन में बदलने की संभावना है। इसके 23 से 24 सितंबर की रात के दौरान उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के तटों को पार करने की संभावना जताई गई है। इस मौसमी सिस्टम के प्रभाव से झारखंड में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर तेज हो सकता है। कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवाएं चलने को लेकर भी चेतावनी जारी की गई है। पिछले 24 घंटे के दौरान भी राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। इस दौरान जमशेदपुर में सबसे अधिक 14.4 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। तापमान की बात करें तो बहरागोड़ा में अधिकतम तापमान 36.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि लातेहार में न्यूनतम तापमान 19.5 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम में बदलाव के साथ अब राज्य के तापमान में भी गिरावट आने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले चार दिनों के दौरान झारखंड के अधिकतम तापमान में करीब 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट हो सकती है। इससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है, हालांकि लगातार बारिश और तेज हवाओं के कारण परेशानी भी बढ़ सकती है। 23 सितंबर को कई इलाकों में बारिश की संभावना 23 सितंबर को झारखंड के अधिकांश हिस्सों में आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है। राज्य के कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ छींटे पड़ सकते हैं। इस दौरान कुछ जगहों पर गरज और वज्रपात की भी आशंका है। मौसम विभाग ने 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना भी जताई है। दक्षिणी झारखंड के अलावा मध्य और उत्तर-पूर्वी हिस्सों में भी मौसम का असर अधिक देखने को मिल सकता है। रांची, खूंटी, गुमला, लोहरदगा, रामगढ़, हजारीबाग, कोडरमा, बोकारो और धनबाद समेत मध्य झारखंड के कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है। वहीं गिरिडीह, देवघर और जामताड़ा में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने इस सिस्टम के कारण झारखंड में अगले कुछ दिनों तक मौसम सक्रिय रह सकता है। ऐसे में लोगों को बारिश के दौरान सतर्क रहने और वज्रपात की स्थिति में खुले स्थानों पर नहीं जाने की सलाह दी जाती है। Post navigation देर रात सड़क पर उतरे वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर, खुद की वाहनों की जांच, 3 ओवरलोड वाहन पकड़े पुष्कर महतो का बड़ा ऐलान: तीर-धनुष अब मांगेगा सम्मान और पहचान, 29 को मशाल जुलूस-30 को झारखंड बंद