झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा ने विधायक जयराम महतो के समर्थन में आवाज उठाई है। मोर्चा के संस्थापक प्रधान सचिव पुष्कर महतो ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के साथ किसी भी तरह का दबाव या कार्रवाई की चेतावनी देना लोकतांत्रिक और संवैधानिक मर्यादाओं के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि झारखंड में इस तरह का रवैया स्वीकार नहीं किया जाएगा। पुष्कर महतो ने कहा कि जयराम महतो झारखंड आंदोलनकारी के पुत्र हैं और झारखंड की मिट्टी से जुड़े हुए जनप्रतिनिधि हैं। झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा 24 घंटे जयराम महतो के साथ खड़ा है। जन सवाल उठाने वाले विधायक को संरक्षण मिले, विधानसभा अध्यक्ष से हस्तक्षेप की मांग मोर्चा ने कहा कि विधायक जयराम महतो जनता से जुड़े सवालों को लेकर अपनी आवाज उठा रहे हैं। ऐसे में यदि किसी प्रशासनिक इकाई की ओर से उनके खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी देकर दबाव बनाने या डराने का प्रयास किया जाता है, तो यह संवैधानिक मूल्यों और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन होगा। पुष्कर महतो ने कहा कि झारखंड में किसी भी जनप्रतिनिधि को जनता के मुद्दे उठाने से रोकने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। उन्होंने इसे राज्य में ‘दिकू राज’ के प्रदर्शन जैसा बताया और कहा कि झारखंड में इस तरह की व्यवस्था नहीं चलेगी। झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा ने विधानसभा अध्यक्ष से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। मोर्चा का कहना है कि जनता के सवालों से जुड़े मामले में विधायक जयराम महतो को प्रथम दृष्टया संरक्षण दिया जाना चाहिए। पुष्कर महतो ने कहा कि विधानसभा की गरिमा बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से कार्यपालिका पर आवश्यक अंकुश रखने की भी मांग की, ताकि जनप्रतिनिधियों के अधिकारों और विधायिका की मर्यादा का पालन हो सके। रिकॉर्डिंग की पूरी बात सार्वजनिक करने की मांग, आंदोलनकारियों की जल्द होगी बैठक मोर्चा ने मामले से जुड़ी रिकॉर्डिंग को लेकर भी सवाल उठाया है। पुष्कर महतो ने मांग की कि जिन रिकॉर्डिंग की बात कही जा रही है, उसमें मौजूद पूरी बातचीत को अक्षरशः सार्वजनिक किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल बातचीत के एक पक्ष को सार्वजनिक करने से किसी जनप्रतिनिधि की छवि खराब हो सकती है। उनके अनुसार, आधी या एकतरफा जानकारी सामने रखना जयराम महतो को बदनाम करने का प्रयास माना जा सकता है। पुष्कर महतो ने कहा कि झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा इस पूरे मामले की कड़ी निंदा करता है। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारी जल्द ही बैठक करेंगे। बैठक में मामले के सभी बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की जाएगी और आगे की रणनीति तय की जाएगी। मोर्चा ने स्पष्ट किया कि वह झारखंड आंदोलन, राज्य के स्थानीय लोगों के अधिकारों और जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी आवाज उठाता रहेगा। बिना उचित प्रक्रिया के एफआईआर दर्ज करना बन सकता है विशेषाधिकार हनन का मामला पुष्कर महतो ने विधायक जयराम महतो के मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि किसी विधायक के खिलाफ पुलिस द्वारा बिना उचित प्रक्रिया या आवश्यक अनुमति के एफआईआर दर्ज करना या कार्रवाई करना सीधे तौर पर विशेषाधिकार हनन का मामला बन सकता है। पुष्कर महतो ने कहा कि विधायक जनता के प्रतिनिधि होते हैं और उन्हें जनता से जुड़े मुद्दे विधानसभा तथा सार्वजनिक मंचों पर उठाने का अधिकार है। ऐसे में उनके खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई करने से पहले निर्धारित संवैधानिक और कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि जयराम महतो के खिलाफ कार्रवाई में नियमों और निर्धारित प्रक्रिया की अनदेखी की जाती है, तो यह केवल एक विधायक का मामला नहीं रहेगा, बल्कि विधायिका की गरिमा और उसके विशेषाधिकार से भी जुड़ जाएगा। Post navigation जुलूस को लेकर रांची में सुरक्षा बढ़ी, चप्पे-चप्पे पर तैनात रहेंगे पुलिस और दंडाधिकारी