निर्मल महतो के संघर्ष और शहादत को स्थापित कर समृद्धशाली झारखंड की परिकल्पना को साकार करें सरकार: पुष्कर महतो रांची: झाखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के तत्वावधान में जेल मोड के पास शहीद निर्मल महतो चौक स्थित आज शहीद निर्मल महतो की 39 वीं पुण्यतिथि श्रद्धा सुमन अर्पित कर मनाई गई.इस मौके झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के संस्थापक प्रधान सचिव पुष्कर महतो ने कहा कि शहीद निर्मल महतो के संघर्ष और शहादत को स्थापित कर समृद्धशाली झारखंड की परिकल्पना को साकार करें सरकार . निर्मल महतो के शहादत के बाद ही झारखंड अलग राज्य आंदोलन गतिमान हुआ और झारखंडियों के स्वाभिमान की रक्षा के लिए संघर्ष को तेज किया. उन्होंने मांग की की जाति पार्टी धर्म से ऊपर उठकर शहीद निर्मल महतो को गजट नोटिफिकेशन कर राजकीय मान सम्मान के उनकी पुण्यतिथि एवं जयंती मनाई जाए. उन्होंने बताया कि निर्मल महतो की राजनितिक हत्या झारखंडियों के रोजी रोजगार एवं नियोजन की सौ प्रतिशत गारंटी के सवाल पर हुई थी. आज भी निर्मल महतो के सपने अधूरे हैं जिसे मंजिल तक पहुंचाना झारखंड आंदोलनकारियों का दायित्व है.दक्षिणी छोटा नागपुर प्रमंडल की अध्यक्ष श्रीमती रोजलीन तिर्की ने कहा कि निर्मल महतो से झारखंड की पहचान है लेकिन शहीद निर्मल महतो की पहचान झारखंड आंदोलनकारी के रूप में शीर्ष प्राथमिकता के साथनहीं होना दुर्भाग्य है.प्रभारी अनथन लकड़हा ने कहा कि निर्मल दादा ने जिस माय माटी के मूल्य की रक्षा के लिए शहादत दिए हैं वह सारे अधूरे हैं. झारखंड के लोग हास्य पर जीवन जीने के लिए दिवस एवं लाचार हैं. उनके बाल-बच्चों के नौकरिया पर हमला तेज है. दुखद.केंद्रीय सचिव दिवाकर साहू ने कहा कि अबुआ सरकार में अबुआ निर्मल दा उपेक्षित हैं.इस कार्यक्रम में केंद्रीय नेत्री श्रीमती सरोजिनी कच्छप, श्रीमती रेखा देवी, आश्रित सरगम कच्छप, उपेन्द्र महतो, बंधना टोप्पो, राजेंद्र महतो, डी . साहु, शंकर मुंडा सहित अन्य प्रमुख थे. Post navigation रांची: छात्रों के डेलिगेशन के साथ सरकार की वार्ता खत्म, जानें क्या हुई चर्चा